10 july 2026
देहरादून। शहर में लगातार बढ़ते वाहनों और पार्किंग की समस्या से राहत दिलाने के लिए राज्य सरकार ने परेड ग्राउंड और सचिवालय परिसर में प्रस्तावित अंडरग्राउंड पार्किंग परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं की योजना केवल वर्तमान जरूरतों तक सीमित न रहे, बल्कि आने वाले वर्षों में बढ़ने वाले यातायात और वाहन संख्या को भी ध्यान में रखकर तैयार की जाए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा परेड ग्राउंड के नीचे प्रस्तावित अंडरग्राउंड पार्किंग का विस्तृत डिजाइन प्रस्तुत किया गया। इस दौरान मुख्य सचिव ने सुझाव दिया कि पार्किंग निर्माण के बाद परेड ग्राउंड और गांधी पार्क को बिना किसी नए स्थायी निर्माण के एक बड़े खुले हरित क्षेत्र (ग्रीन स्पेस) के रूप में विकसित किया जाए, ताकि नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थान भी उपलब्ध हो सके। उन्होंने पार्किंग क्षमता बढ़ाने के लिए डबल बेसमेंट निर्माण की संभावनाओं पर भी गंभीरता से विचार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि पार्किंग में पर्याप्त संख्या में प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएं, जिससे वाहनों की आवाजाही सुचारु बनी रहे और किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकासी मिल सके। उन्होंने पूरी योजना को अलग-अलग परियोजनाओं की बजाय एक समग्र शहरी विकास परियोजना के रूप में तैयार करने तथा सभी संबंधित विभागों और हितधारकों से समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।
बैठक में सचिवालय परिसर में प्रस्तावित अंडरग्राउंड पार्किंग के डिजाइन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भविष्य में बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए पर्याप्त पार्किंग क्षमता सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा राजपुर रोड पर एलिवेटेड पार्किंग की संभावनाओं का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय, एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, देहरादून के मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर में पार्किंग व्यवस्था बेहतर होगी, यातायात जाम में कमी आएगी और देहरादून को अधिक सुव्यवस्थित एवं नागरिक-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

