देहरादून ; 1 अक्टूबर 2026,
देहरादून। डीफार्मा और बीफार्मा में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए जरूरी खबर है। फार्मेसी पाठ्यक्रम में दाखिला लेने से पहले अभ्यर्थियों को अपनी इंटरमीडिएट की अंकतालिका और विषयवार योग्यता की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। निर्धारित शैक्षिक पात्रता पूरी नहीं होने पर संस्थान में प्रवेश मिल जाने के बावजूद भविष्य में फार्मासिस्ट के रूप में पंजीकरण कराने में परेशानी हो सकती है।
उत्तराखंड फार्मेसी काउंसिल ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के फार्मेसी शिक्षण संस्थानों को एक बार फिर सतर्क किया है। काउंसिल ने वर्ष 2026 में फार्मेसी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की शैक्षिक योग्यता का प्रवेश के समय ही सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अभ्यर्थियों की इंटरमीडिएट की अंकतालिका और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच करने को कहा गया है।
अनिवार्य विषय में पात्रता जरूरी
काउंसिल के सामने ऐसे मामले आते रहे हैं, जिनमें विद्यार्थियों ने इंटरमीडिएट में विज्ञान वर्ग के जरूरी विषय में निर्धारित योग्यता पूरी नहीं की, लेकिन इसके बावजूद डीफार्मा या बीफार्मा में प्रवेश ले लिया। पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद जब फार्मासिस्ट के रूप में पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई तो उनकी शैक्षिक पात्रता को लेकर समस्या सामने आई।
ऐसी स्थिति में विद्यार्थी के लिए परेशानी इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि कई वर्ष की पढ़ाई और आर्थिक खर्च के बाद पंजीकरण के स्तर पर पात्रता संबंधी कमी सामने आती है। यही वजह है कि काउंसिल अब प्रवेश प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही विद्यार्थियों की योग्यता की जांच कराने पर जोर दे रही है।
संस्थानों को भेजा गया पत्र
उत्तराखंड फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार केएस फर्स्वाण ने प्रदेश के फार्मेसी शिक्षण संस्थानों को पत्र भेजकर वर्ष 2026 में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए हैं। संस्थानों से कहा गया है कि प्रवेश देने से पहले अभ्यर्थी की इंटरमीडिएट की अंकतालिका देखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वह फार्मेसी पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित शैक्षिक मानकों को पूरा करता है।
काउंसिल का जोर इस बात पर है कि केवल प्रवेश मिल जाना ही फार्मेसी में करियर के लिए पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थी की शुरुआती शैक्षिक योग्यता का निर्धारित मानकों के अनुरूप होना भी जरूरी है। इसलिए संस्थानों को प्रवेश प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों का सत्यापन गंभीरता से करने के लिए कहा गया है।
छात्रों के लिए भी जरूरी है सावधानी
फार्मेसी में करियर बनाने की योजना बना रहे छात्रों को भी केवल कॉलेज में प्रवेश मिलने के आधार पर आगे नहीं बढ़ना चाहिए। आवेदन करने से पहले उन्हें अपनी इंटरमीडिएट की अंकतालिका में विषयों और प्राप्त अंकों की स्थिति देखनी चाहिए। साथ ही संबंधित पाठ्यक्रम के लिए लागू पात्रता शर्तों की जानकारी भी लेनी चाहिए।
काउंसिल की चेतावनी का मकसद विद्यार्थियों को समय रहते सचेत करना है, ताकि वे ऐसी स्थिति में किसी पाठ्यक्रम में प्रवेश न लें जहां भविष्य में पंजीकरण को लेकर दिक्कत पैदा हो। प्रवेश के समय दस्तावेजों की सही जांच होने से छात्र बाद में होने वाली कानूनी, शैक्षिक और करियर संबंधी परेशानियों से बच सकते हैं।
इसलिए वर्ष 2026 में डीफार्मा या बीफार्मा में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए जरूरी है कि वे आवेदन और प्रवेश से पहले अपनी इंटरमीडिएट की अंकतालिका को ध्यान से देखें और अपनी पात्रता की पुष्टि करें। वहीं, फार्मेसी संस्थानों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है कि वे बिना पात्रता सत्यापित किए किसी अभ्यर्थी को प्रवेश न दें।

