देहरादून ; 22.10.2026,
देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 22 अक्टूबर को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। सचिवालय में शाम 4 बजे होने वाली इस बैठक को आगामी विधानसभा सत्र की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट, त्रिस्तरीय पंचायतों और नगर निकायों को मिलने वाले अनुदान सहित विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर विचार किए जाने की संभावना है।
गैरसैंण के भराड़ीसैंण में 27 और 28 अक्टूबर को प्रस्तावित विधानसभा सत्र से पहले होने वाली इस बैठक में सरकार कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपना रुख स्पष्ट कर सकती है। हालांकि, बैठक के एजेंडे में शामिल संभावित प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय कैबिनेट की चर्चा और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
अनुपूरक बजट को मिल सकती है मंजूरी, विधानसभा में पेश करने की तैयारी
कैबिनेट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक बजट का प्रस्ताव माना जा रहा है। सरकार के सामने चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए बजट संबंधी प्रावधानों पर विचार करने का विषय है।
अनुपूरक बजट के माध्यम से उन योजनाओं और कार्यों के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया जा सकता है, जिनके लिए मूल बजट में निर्धारित राशि पर्याप्त नहीं है या जिनकी जरूरत वित्तीय वर्ष के दौरान सामने आई है। इसमें विकास कार्यों, विभागीय योजनाओं और अन्य आवश्यक सरकारी खर्चों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं।
यदि कैबिनेट अनुपूरक बजट को मंजूरी देती है, तो आगामी विधानसभा सत्र में इसे सदन के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। हालांकि, बजट का कुल आकार कितना होगा और किन विभागों को अतिरिक्त धनराशि मिल सकती है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
पंचायतों और नगर निकायों के अनुदान पर भी नजर
बैठक में प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों और नगर निकायों को राज्य सरकार की ओर से दिए जाने वाले अनुदान से संबंधित रिपोर्ट या प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है। यह विषय ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी स्थानीय निकायों तक के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्थानीय निकायों को मिलने वाले वित्तीय संसाधनों का सीधा संबंध उनके विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा होता है। पंचायतों के स्तर पर ग्रामीण विकास, स्वच्छता और स्थानीय आवश्यकताओं से संबंधित कार्यों के लिए धन की उपलब्धता महत्वपूर्ण रहती है। वहीं, नगर निकायों के लिए सफाई व्यवस्था, सड़क, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं के संचालन में वित्तीय संसाधनों की भूमिका अहम होती है।
ऐसे में अनुदान से जुड़े प्रस्ताव पर कोई निर्णय होने की स्थिति में स्थानीय निकायों की वित्तीय व्यवस्था पर इसका असर पड़ सकता है। हालांकि, अनुदान की राशि, वितरण के तरीके या किसी नए प्रावधान को लेकर फिलहाल अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।
पर्यटन, शहरी विकास और शिक्षा सहित कई विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा संभव
कैबिनेट बैठक में केवल वित्तीय मामलों तक ही चर्चा सीमित रहने की संभावना नहीं है। पर्यटन, शहरी विकास, लोक निर्माण विभाग, वन, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण सहित विभिन्न विभागों से संबंधित प्रस्ताव भी विचार के लिए सामने आ सकते हैं।
पर्यटन विभाग से जुड़े प्रस्ताव प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों और संबंधित व्यवस्थाओं के विकास से संबंधित हो सकते हैं। शहरी विकास और लोक निर्माण विभाग के मामलों का संबंध शहरी सुविधाओं, आधारभूत ढांचे और निर्माण कार्यों से हो सकता है। वहीं, शिक्षा तथा महिला सशक्तीकरण से जुड़े विषयों पर लिए जाने वाले निर्णयों का असर संबंधित योजनाओं और विभागीय कार्यप्रणाली पर पड़ सकता है।
वन विभाग से संबंधित प्रस्ताव भी बैठक के संभावित एजेंडे का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि, इन विभागों से जुड़े किन प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी और किन मामलों में आगे विचार किया जाएगा, इसका पता बैठक के बाद ही चल सकेगा।
गैरसैंण विधानसभा सत्र से पहले सरकार के लिए अहम बैठक
उत्तराखंड विधानसभा का आगामी सत्र 27 और 28 अक्टूबर को गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में प्रस्तावित है। ऐसे में कैबिनेट बैठक को सत्र से पहले की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विधानसभा सत्र के दौरान अनुपूरक बजट सहित वित्तीय और विधायी विषय सामने आ सकते हैं। इन मामलों में कैबिनेट स्तर पर होने वाली चर्चा सरकार की आगे की कार्ययोजना तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
सत्र से पहले विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर विचार और आवश्यक मंजूरियां मिलने से सरकार को सदन में अपनी तैयारी पूरी करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, स्थानीय निकायों के अनुदान जैसे विषयों पर चर्चा भी बैठक को महत्वपूर्ण बनाती है।
बैठक के फैसलों का इंतजार
22 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में किन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगती है, यह सबसे अहम सवाल बना हुआ है। अनुपूरक बजट की मंजूरी, पंचायतों और नगर निकायों के अनुदान से संबंधित निर्णय तथा विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर सरकार का रुख बैठक के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।
फिलहाल, संभावित एजेंडे से जुड़े विषयों पर ही चर्चा है। बजट की राशि, अनुदान संबंधी प्रावधानों और विभागीय प्रस्तावों को लेकर किसी भी अंतिम निष्कर्ष के लिए कैबिनेट के आधिकारिक निर्णयों का इंतजार करना होगा। गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र से ठीक पहले होने वाली यह बैठक उत्तराखंड सरकार की वित्तीय और प्रशासनिक प्राथमिकताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

