देहरादून ; 28.10.2026,
लोक भवन में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से हुई मुलाकात, विद्यार्थियों के कौशल और सर्वांगीण विकास को बताया महत्वपूर्ण
राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन से आज लोक भवन में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने अलग-अलग शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों, अनुसंधान कार्यों और शिक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कुलपतियों से संस्थानों की शैक्षणिक प्रगति, शोध की स्थिति और विद्यार्थियों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की।
बैठक के दौरान राज्यपाल ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें ऐसा शैक्षणिक वातावरण भी तैयार करना चाहिए, जहां विद्यार्थी ज्ञान अर्जित करने के साथ नई सोच विकसित कर सकें और अपनी प्रतिभा को बेहतर ढंग से सामने ला सकें।
शोध और नवाचार को मिले प्राथमिकता
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में शोध एवं नवाचार की गतिविधियों को विस्तार देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में उच्च शिक्षण संस्थानों को आधुनिक शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी कार्यप्रणाली विकसित करनी चाहिए। शोध कार्यों को प्रोत्साहित करने के साथ विद्यार्थियों को नए विचारों पर काम करने और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान तलाशने के अवसर उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।
उन्होंने कुलपतियों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करें। साथ ही शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच ऐसा सकारात्मक वातावरण विकसित किया जाए, जिससे ज्ञान के आदान-प्रदान, रचनात्मक गतिविधियों और अनुसंधान को बढ़ावा मिल सके।
विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने विद्यार्थियों के कौशल विकास और सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण को उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ ऐसे अवसर भी मिलने चाहिए, जो उनकी व्यावहारिक समझ, रचनात्मक क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता को मजबूत करें।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, सकारात्मक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना विकसित करने के लिए लगातार काम करें। शिक्षा का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है।
उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय देश और समाज के भविष्य को दिशा देने वाले महत्वपूर्ण संस्थान हैं। यहां होने वाली शैक्षणिक गतिविधियां, शोध और नवाचार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ समाज की प्रगति को भी प्रभावित करते हैं। ऐसे में विश्वविद्यालयों को शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ नए अवसरों और संभावनाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
लोक भवन में हुई इन मुलाकातों के दौरान विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों और विकास से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। राज्यपाल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता दोहराई।

