देहरादून ; 28.10.2026,
पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीनगर में एक स्थानीय चाय की दुकान पर रुककर आम लोगों के साथ समय बिताया। जीवीके हेलीपैड, कोटेश्वर से सड़क मार्ग के जरिए देहरादून लौटते समय मुख्यमंत्री श्रीनगर चुंगी के पास मंगल सिंह की चाय की दुकान पर पहुंचे। यहां उन्होंने स्थानीय नागरिकों के साथ चाय पी और दुकानदार सहित वहां मौजूद लोगों से बातचीत की।
मुख्यमंत्री के अचानक दुकान पर पहुंचने से वहां मौजूद लोगों में उत्सुकता देखने को मिली। इस दौरान उन्होंने केवल चाय पीने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने आसपास मौजूद लोगों से सीधे संवाद भी किया। मुख्यमंत्री ने बच्चियों, स्थानीय नागरिकों और अधिकारियों को स्वयं चाय परोसी। उनकी इस सहज पहल से दुकान पर मौजूद लोगों को मुख्यमंत्री के साथ कुछ पल बिताने और अपनी बात रखने का अवसर मिला।
आम लोगों के बीच नजर आया सहज अंदाज
मुख्यमंत्री के इस संक्षिप्त पड़ाव के दौरान स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों के साथ अनौपचारिक बातचीत का माहौल बना रहा। आमतौर पर व्यस्त कार्यक्रमों और निर्धारित बैठकों के बीच इस तरह किसी छोटी दुकान पर रुकना स्थानीय लोगों के लिए एक अलग अनुभव रहा। मुख्यमंत्री को अपने बीच सामान्य रूप से बैठकर चाय पीते देख लोगों ने भी उत्साह के साथ उनसे मुलाकात की।
इस दौरान स्थानीय बाजार और छोटे दुकानदारों की भूमिका भी चर्चा के केंद्र में रही। चाय की दुकान जैसे छोटे कारोबारी प्रतिष्ठान रोजमर्रा के जनजीवन का अहम हिस्सा होते हैं। ऐसे स्थानों पर जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी स्थानीय व्यापारियों को अपने कारोबार और क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित करने का अवसर देती है।
‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना से जुड़ा संदेश
मुख्यमंत्री का स्थानीय दुकान पर रुकना ‘वोकल फॉर लोकल’ की अवधारणा से भी जुड़ा नजर आया। इस विचार का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों, सेवाओं और छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहित करना है, ताकि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। स्थानीय दुकानों से खरीदारी करना और आसपास के कारोबार को प्राथमिकता देना इस दिशा में आम नागरिकों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बनाता है।
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में छोटे व्यापारियों, चाय की दुकानों, स्थानीय बाजारों और पारंपरिक उत्पादों से जुड़े व्यवसायों की आजीविका का क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहन देने का संदेश पर्यटन और बाजार आधारित आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से भी प्रासंगिक है।
स्थानीय कारोबार और जनसंवाद पर रहा जोर
मुख्यमंत्री धामी का श्रीनगर में यह पड़ाव भले ही कुछ समय का रहा, लेकिन इसने स्थानीय दुकान और वहां जुटे लोगों के बीच एक सहज मुलाकात का अवसर बनाया। इस तरह के अनौपचारिक संवाद से जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होता है। साथ ही, यह संदेश भी सामने आता है कि स्थानीय कारोबार को आगे बढ़ाने में सरकार के प्रयासों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी अहम है।
श्रीनगर चुंगी के समीप चाय की दुकान पर मुख्यमंत्री का रुकना उनके सड़क मार्ग से देहरादून लौटने के दौरान हुआ। इस दौरान चाय पर बातचीत, लोगों को स्वयं चाय परोसने और स्थानीय दुकानदार से मुलाकात के प्रसंग ने इस छोटे से पड़ाव को चर्चा का विषय बना दिया।

