देहरादून ; 28.10.2026,
भराड़ीसैंण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास, पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा सुविधाओं पर रहेगा जोर
गैरसैंण (चमोली)। उत्तराखंड के गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में 12 विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली के लिए कुल 231.91 करोड़ रुपये की लागत वाली इन योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 197.87 करोड़ रुपये की छह योजनाओं का शिलान्यास और 34.04 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हो चुकी छह योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इन परियोजनाओं के माध्यम से पेयजल व्यवस्था, सड़क संपर्क, शैक्षिक सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, भू-धंसाव से बचाव तथा पुलिस और अग्निशमन विभाग की अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया है।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की जरूरतों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया। खासतौर पर गैरसैंण शहर और आसपास की आबादी के लिए पेयजल उपलब्धता बढ़ाने की योजना के साथ बहुगुणानगर में भू-धंसाव से सुरक्षा के कार्य स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। वहीं, पूरी हो चुकी सड़क परियोजनाओं और सरकारी भवनों के लोकार्पण से लोगों को आवागमन तथा सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
रामगंगा नदी पर बांध से पेयजल आपूर्ति को मिलेगी मजबूती
शिलान्यास की गई योजनाओं में सबसे अधिक लागत वाली परियोजना गैरसैंण शहर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए रामगंगा नदी पर बांध निर्माण से संबंधित है। इस योजना पर 122.69 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य क्षेत्र की पेयजल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जल उपलब्धता की व्यवस्था को बेहतर बनाना है। परियोजना के पूरा होने पर स्थानीय आबादी को पेयजल आपूर्ति के लिहाज से लाभ मिलने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त कर्णप्रयाग विकासखंड के बहुगुणानगर में भू-धंसाव से सुरक्षा के लिए 50 करोड़ 18 लाख 68 हजार रुपये की लागत से कार्यों का शिलान्यास किया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में भू-धंसाव से प्रभावित स्थानों पर सुरक्षा संबंधी उपाय स्थानीय लोगों, आवासीय क्षेत्रों और आसपास की संपत्तियों के संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण होते हैं। इस परियोजना के जरिए प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।
पॉलिटेक्निक भवन और आयुर्वेदिक चिकित्सालय के कार्य भी शामिल
शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार के लिए भी दो योजनाओं को शिलान्यास सूची में शामिल किया गया है। राजकीय पॉलिटेक्निक गैरसैंण के भवन निर्माण पर 12 करोड़ 16 लाख 64 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना से तकनीकी शिक्षा के लिए आवश्यक संस्थागत आधारभूत ढांचे के विकास को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
वहीं, बछुवाबाण स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में भवन अनुरक्षण के लिए 22 लाख 75 हजार रुपये की योजना का शिलान्यास किया गया। इसका उद्देश्य चिकित्सालय भवन के रखरखाव से संबंधित कार्यों को पूरा करना है, जिससे स्वास्थ्य संस्थान की आधारभूत सुविधाओं को व्यवस्थित रखने में सहायता मिलेगी।
ग्रामीण सड़कों से संपर्क व्यवस्था सुधारने की तैयारी
सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए भी दो परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इनमें 6 करोड़ 99 लाख 20 हजार रुपये की लागत से कुमोली रैवान मोटर मार्ग के दूसरे किलोमीटर से फरखण्डे मोटर मार्ग तक संबंधित कार्य और 5 करोड़ 60 लाख 50 हजार रुपये की लागत से गैरसैंण-पज्याणा मोटर मार्ग के दूसरे किलोमीटर से कुमोली रैवान मोटर मार्ग तक संबंधित कार्य शामिल हैं।
इन सड़कों से जुड़े कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुविधाजनक बनाना और विभिन्न स्थानों के बीच संपर्क को बेहतर करना है। पहाड़ी इलाकों में सड़क नेटवर्क का विकास स्थानीय लोगों की दैनिक आवाजाही के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंच के लिए भी अहम भूमिका निभाता है।
पूरी हुई सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण
कार्यक्रम में 34.04 करोड़ रुपये की छह पूर्ण विकास योजनाओं को भी जनता को समर्पित किया गया। इनमें सड़क सुधार और डामरीकरण से संबंधित कई कार्य शामिल हैं, जिनका उद्देश्य मौजूदा मार्गों की स्थिति में सुधार करना है।
खजुरखाल-भण्डारीखोड़-कुनीगाड़ मोटर मार्ग (बछुवाबाण-चौखुटिया) के उच्चीकरण कार्य पर 14 करोड़ 82 लाख 32 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। इस मार्ग के उच्चीकरण से संबंधित कार्य क्षेत्रीय सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा सारकोट-भराड़ीसैंण मोटर मार्ग के किलोमीटर 6 से किलोमीटर 11 तक सुधार एवं डामरीकरण कार्य पूरा किया गया। इस पर 4 करोड़ 3 लाख 41 हजार रुपये की लागत आई। कारगिल शहीद रणजीत सिंह (आगर-जिनगोड़) मोटर मार्ग के किलोमीटर 1 से किलोमीटर 8 तक सुधार, डामरीकरण और नवीनीकरण का कार्य भी पूरा हुआ है। इस परियोजना पर 2 करोड़ 17 लाख 98 हजार रुपये खर्च किए गए।
इन सड़क कार्यों से मार्गों की स्थिति सुधारने और लोगों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों का रखरखाव और नवीनीकरण दैनिक परिवहन तथा जरूरी सेवाओं तक पहुंच के लिए उपयोगी साबित होता है।
राजकीय इंटर कॉलेज में ऑडिटोरियम का लोकार्पण
शिक्षा के क्षेत्र में राजकीय इंटर कॉलेज गैरसैंण में 4 करोड़ 37 लाख 86 हजार रुपये की लागत से निर्मित ऑडिटोरियम भवन का लोकार्पण किया गया। विद्यालय परिसर में इस प्रकार की सुविधा शैक्षिक और अन्य संस्थागत गतिविधियों के आयोजन के लिए उपयोगी हो सकती है। इससे विद्यार्थियों और विद्यालय से जुड़ी गतिविधियों के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध होगा।
पुलिस और अग्निशमन सेवाओं को मिले नए भवन
गैरसैंण में प्रशासनिक और आपातकालीन सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से दो भवनों का लोकार्पण भी किया गया। इनमें 4 करोड़ 37 लाख 70 हजार रुपये की लागत से निर्मित फायर यूनिट भवन और 4 करोड़ 24 लाख 88 हजार रुपये की लागत से तैयार थाना गैरसैंण भवन शामिल हैं।
फायर यूनिट के लिए नए भवन की उपलब्धता अग्निशमन विभाग की कार्यक्षमता और संचालन संबंधी आवश्यकताओं के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं, नए थाना भवन से पुलिस विभाग के कामकाज के लिए बेहतर संस्थागत स्थान उपलब्ध होगा। इन दोनों सुविधाओं का संबंध क्षेत्र में आपातकालीन प्रतिक्रिया, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों से है।
विकास योजनाओं से स्थानीय जरूरतों पर रहेगा फोकस
गैरसैंण में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों की परियोजनाओं को एक साथ आगे बढ़ाया गया। नई योजनाओं के शिलान्यास से आने वाले समय में विभिन्न निर्माण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है, जबकि पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के लोकार्पण से तैयार सुविधाओं का उपयोग शुरू करने का रास्ता खुला है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत, भरत चौधरी, विधायक अनिल नौटियाल, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, 231.91 करोड़ रुपये की इन 12 योजनाओं में क्षेत्र की बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों के कार्य शामिल हैं। इनके प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित समय पर पूरा होने से गैरसैंण तथा आसपास के क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता, सड़क संपर्क, शैक्षिक सुविधाओं और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े ढांचे को लाभ मिल सकता है।

