देहरादून ; 22.10.2026,
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2027 की समय-सारिणी से कराया अवगत
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने की दिशा में निर्वाचन विभाग ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में EVM-VVPAT की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) तथा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2027 (SSR) की प्रक्रिया, कार्यक्रम और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान निर्वाचन विभाग की ओर से दोनों प्रक्रियाओं को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आगामी कार्यक्रम की जानकारी देने के साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और निर्धारित दिशा-निर्देशों के पालन के संबंध में भी अवगत कराया गया।
23 अक्टूबर से सभी जनपदों में होगी EVM-VVPAT की जांच
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत 23 अक्टूबर 2026 से प्रदेश के सभी जनपदों में EVM-VVPAT की प्रथम स्तरीय जांच शुरू की जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य चुनाव में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों और वीवीपैट उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में राजनीतिक दलों को जांच के प्रस्तावित कार्यक्रम से संबंधित जानकारी भी दी गई, ताकि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप अपने प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
12 नवंबर से शुरू होगा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण
बैठक का एक प्रमुख विषय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2027 रहा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आगामी 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि को आधार बनाकर प्रदेश में 12 नवंबर 2026 से मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस अभियान के माध्यम से मतदाता सूची को अद्यतन करने और पात्र नागरिकों को सूची में शामिल करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 नवंबर 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक नागरिकों को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों पर सुनवाई और उनके निस्तारण की प्रक्रिया 28 दिसंबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके उपरांत 4 जनवरी 2027 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
निर्वाचन विभाग ने राजनीतिक दलों को इस समय-सारिणी से अवगत कराते हुए बताया कि पुनरीक्षण अभियान के दौरान निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्राप्त आवेदनों और आपत्तियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विशेष अभियान में फार्म-6 के 1,00,744 आवेदन प्राप्त
मतदाता सूची में नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेश में 12 से 20 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान चलाया गया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में जानकारी दी कि इस अभियान के तहत फार्म-6 के कुल 1,00,744 आवेदन प्राप्त हुए हैं। फार्म-6 का उपयोग पात्र नागरिकों द्वारा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए किया जाता है।
उन्होंने बताया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के आगामी चरण में भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने तथा सूची से संबंधित दावों और आपत्तियों के निस्तारण पर ध्यान दिया जाएगा।
फार्म-7 आवेदन जमा करने की सीमा भी बताई
बैठक में मतदाता सूची से नाम हटाने के अनुरोध से संबंधित फार्म-7 के प्रावधानों की जानकारी भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की गई। बताया गया कि दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की पूरी अवधि के दौरान कोई मतदाता आक्षेपकर्ता के रूप में अधिकतम 10 फार्म-7 आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।
वहीं, मतदाता सूची के सतत अद्यतन की अवधि में किसी व्यक्तिगत मतदाता के लिए प्रति माह अधिकतम पांच फार्म-7 आवेदन प्रस्तुत करने की सीमा निर्धारित है। इन प्रावधानों से राजनीतिक दलों को अवगत कराने का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया और लागू नियमों के संबंध में स्पष्टता बनाए रखना रहा।
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास उपस्थित रहे।
राजनीतिक दलों की ओर से भारतीय जनता पार्टी के राजकुमार पुरोहित, इंडियन नेशनल कांग्रेस के अमेंद्र बिष्ट, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के सतेंद्र चोपड़ा, आम आदमी पार्टी के श्याम बाबू पांडेय तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआई (एम) के अनंत आकाश ने बैठक में भाग लिया।
बैठक में EVM-VVPAT की जांच से लेकर मतदाता सूची के पुनरीक्षण तक की आगामी कार्ययोजना साझा की गई। निर्वाचन विभाग ने राजनीतिक दलों को निर्धारित कार्यक्रम और प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए आगामी गतिविधियों में उनकी सहभागिता के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया।

