देहरादून ; 12.10.2026,
7,045 मीटर ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराकर पर्वतारोहियों ने रचा इतिहास, उत्तराखण्ड के 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को किया समर्पित
उत्तराखण्ड की धरती पर साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और पर्वतारोहण के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज हुई है। भारतीय तटरक्षक बल और हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (एचएमआई), दार्जिलिंग के संयुक्त पर्वतारोहण अभियान ने 7,045 मीटर ऊंचे माउंट मुकुट ईस्ट पर सफलतापूर्वक पहुंचकर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में अभियान दल का फ्लैग-इन कर पर्वतारोहियों का स्वागत किया और उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी सदस्यों को बधाई दी।
यह अभियान भारतीय तटरक्षक बल के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि बल के इतिहास में पहली बार 7,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली पर्वत चोटी पर सफल आरोहण किया गया है। दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में कठिन मौसम, चुनौतीपूर्ण रास्तों और ऊंचाई से जुड़ी परिस्थितियों के बीच मिली इस सफलता ने दल के सदस्यों की क्षमता, प्रशिक्षण और सामूहिक प्रयासों को प्रदर्शित किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया देश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऊंचे हिमालयी शिखरों तक पहुंचना केवल शारीरिक सामर्थ्य का विषय नहीं है, बल्कि इसके लिए मानसिक मजबूती, अनुशासन, धैर्य और एक-दूसरे के प्रति भरोसा भी जरूरी होता है। माउंट मुकुट ईस्ट का सफल आरोहण अभियान में शामिल प्रत्येक सदस्य की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल के जवानों ने समुद्री सुरक्षा के अपने दायित्वों के साथ-साथ साहसिक गतिविधियों में भी अपनी क्षमता का परिचय दिया है।
उन्होंने इस उपलब्धि को पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि ऐसे अभियान युवाओं को चुनौतीपूर्ण लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने की प्रेरणा देते हैं। पर्वतारोहण जैसे कठिन क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर अभ्यास, बेहतर रणनीति और टीम के प्रत्येक सदस्य के योगदान का महत्वपूर्ण स्थान होता है।
उत्तराखण्ड के 25 वर्षों को समर्पित रहा अभियान
इस पर्वतारोहण अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू इसे उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षों को समर्पित किया जाना रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान हिमालय, साहसिक परंपराओं और पर्वतीय जीवनशैली से गहराई से जुड़ी हुई है। ऐसे में राज्य की रजत जयंती के अवसर पर माउंट मुकुट ईस्ट जैसे चुनौतीपूर्ण शिखर पर सफलता हासिल करना प्रदेश के लिए विशेष गौरव की बात है।
अभियान दल ने चोटी पर 2,500 वर्ग फुट का विशाल उत्तराखण्ड ध्वज फहराकर प्रदेश के प्रति अपना सम्मान और जुड़ाव प्रदर्शित किया। यह क्षण राज्य की उपलब्धियों, उसकी विशिष्ट पहचान और हिमालय के साथ उसके ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करता है। मुख्यमंत्री ने इस पहल को उत्तराखण्ड की गौरवगाथा से जुड़ा एक यादगार अध्याय बताया।
वर्ष 2027 के एवरेस्ट अभियान की तैयारी में अहम कदम
संयुक्त अभियान का नेतृत्व हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट, दार्जिलिंग के प्राचार्य कर्नल रजनीश जोशी ने किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को अभियान की रूपरेखा, इसकी तैयारियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
कर्नल रजनीश जोशी के अनुसार, भारतीय तटरक्षक बल वर्ष 2027 में अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस स्वर्ण जयंती को यादगार बनाने के लिए माउंट एवरेस्ट पर अभियान प्रस्तावित है। इसकी तैयारी के तहत पर्वतारोहियों के चयन और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी एचएमआई, दार्जिलिंग को सौंपी गई है।
माउंट मुकुट ईस्ट अभियान को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण अभ्यास के रूप में देखा जा रहा है। इससे पर्वतारोहियों को ऊंचाई पर काम करने, कठिन परिस्थितियों से निपटने, दल के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और अभियान संचालन के व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यहां से हासिल अनुभव आगामी एवरेस्ट अभियान को सफल बनाने में उपयोगी साबित होंगे।
तटरक्षक बल की साहसिक क्षमता का भी हुआ प्रदर्शन
भारतीय तटरक्षक बल मुख्य रूप से देश की समुद्री सीमाओं, समुद्री संसाधनों और तटीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व निभाता है। ऐसे में उसके जवानों का हिमालय की 7,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली चोटी पर सफल आरोहण करना उनके व्यापक प्रशिक्षण, शारीरिक क्षमता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने की तैयारी को दर्शाता है।
इस अभियान ने यह भी स्पष्ट किया कि कठिन लक्ष्य हासिल करने के लिए मजबूत नेतृत्व, योजनाबद्ध प्रशिक्षण और सामूहिक जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण होती है। माउंट मुकुट ईस्ट पर मिली सफलता आगामी पर्वतारोहण गतिविधियों के लिए भी उपयोगी अनुभव प्रदान करेगी।
अधिकारियों और अभियान सदस्यों की रही मौजूदगी
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित फ्लैग-इन कार्यक्रम में भारतीय तटरक्षक बल के अपर महानिदेशक आनंद प्रकाश बडोला, उप महानिरीक्षक हिमांशु नौटियाल, उप महानिरीक्षक डी.एस. चौहान, कमांडेंट अमित उनियाल और कमांडेंट विश्वजीत सिंह मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त एचएमआई, दार्जिलिंग के पासांग तेनजिंग शेरपा सहित अभियान दल के अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
माउंट मुकुट ईस्ट का यह सफल आरोहण भारतीय तटरक्षक बल के पर्वतारोहण इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ है। वहीं, उत्तराखण्ड के विशाल ध्वज को हिमालय की ऊंचाइयों पर फहराया जाना प्रदेश के लिए सम्मान और गर्व का प्रतीक बना। अब सभी की निगाहें वर्ष 2027 में प्रस्तावित माउंट एवरेस्ट अभियान पर रहेंगी, जिसके लिए यह सफलता एक मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

