देहरादून ; 09.10.2026,
वन स्वीकृति, टावर निर्माण और यूटिलिटी शिफ्टिंग के कार्यों में तेजी लाने पर जोर; गौरीकुंड व सोनप्रयाग में पार्किंग और जनसुविधाओं के विकास की भी होगी तैयारी
उत्तराखंड में केदारनाथ रोपवे परियोजना को गति देने और इससे जुड़े निर्माण कार्यों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने के लिए शासन स्तर पर प्रयास तेज किए जा रहे हैं। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) के अंतर्गत उत्तराखंड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड के निदेशक मंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के बाद बोर्ड ने कई प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की। साथ ही केदारनाथ रोपवे परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रक्रियाओं और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य सचिव ने परियोजना से संबंधित वन स्वीकृति की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वन स्वीकृति के लिए आवश्यक प्रस्तावों को जल्द से जल्द संबंधित पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि अनुमति से जुड़े कार्यों में अनावश्यक देरी न हो। इसके साथ ही प्रतिपूरक वनीकरण के लिए पहले से चिह्नित भूमि का दोबारा सत्यापन भी समानांतर रूप से कराने को कहा गया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य परियोजना से संबंधित आवश्यक औपचारिकताओं को समय रहते पूरा करना और कार्यों की प्रगति बनाए रखना है।
निर्धारित अलाइनमेंट के अनुसार बनेगा विस्तृत कार्ययोजना चार्ट
मुख्य सचिव ने परियोजना की निर्धारित अलाइनमेंट के अनुरूप प्रत्येक चरण की गतिविधियों को स्पष्ट रूप से निर्धारित करने के निर्देश दिए। इसके लिए विस्तृत PERT चार्ट तैयार कर निदेशक मंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस चार्ट में विभिन्न कार्यों के क्रम, उनकी समयसीमा और आपसी समन्वय को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार करने पर जोर दिया गया, ताकि परियोजना के अलग-अलग चरणों की प्रगति पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्थानों पर टावरों का निर्माण राजस्व भूमि पर प्रस्तावित है और वहां वन स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है, उन स्थलों पर टावर की नींव तैयार करने का कार्य शुरू किया जाए। इससे उन कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकेगा, जिनके लिए वन संबंधी अनुमति की बाध्यता नहीं है। इसके अलावा बिजली, पेयजल अथवा अन्य उपयोगिता सेवाओं से जुड़ी शिफ्टिंग के कार्यों को भी तेज करने के निर्देश दिए गए, ताकि निर्माण के अगले चरणों में बाधाएं कम हों।
गौरीकुंड और सोनप्रयाग में सुविधाओं के विस्तार की तैयारी
बैठक में केदारनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए गौरीकुंड तथा सोनप्रयाग के आसपास आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने इन क्षेत्रों में पार्किंग, जनसुविधाओं और आवासीय सुविधाओं के लिए समुचित योजना तैयार करने को कहा। इन व्यवस्थाओं का नियोजन इस तरह किए जाने पर जोर दिया गया, जिससे यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही क्षेत्र में यातायात और आवागमन को भी व्यवस्थित रखा जा सके।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यात्रा के सबसे व्यस्त समय में निर्माण गतिविधियों के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की पहचान, यातायात प्रबंधन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की तैयारी पहले से पूरी करने को कहा गया। निर्माण कार्यों और यात्रा संचालन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि परियोजना का काम आगे बढ़ने के साथ यात्रियों को होने वाली असुविधा को भी कम किया जा सके।
केदारनाथ रोपवे परियोजना को लेकर हुई इस समीक्षा में वन स्वीकृति, निर्माण की शुरुआत, उपयोगिता सेवाओं के स्थानांतरण और यात्रा सुविधाओं के विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में निर्देश दिए गए। अब संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप विभिन्न गतिविधियों में समन्वय स्थापित करते हुए परियोजना से जुड़े कार्यों को गति देनी होगी।
बैठक में सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार तथा NHLML के अधिकारी उपस्थित रहे।

