देहरादून ; 3 अक्टूबर 2026,
भारतीय तीरंदाजी के लिए एशियाई खेलों से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारत की स्टार रिकर्व तीरंदाज कुमकुम मोहोड़ ने महिलाओं की व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। रोमांचक फाइनल में कुमकुम ने दक्षिण कोरिया की ओ येजिन को शूट-ऑफ में मात देकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
फाइनल मुकाबला बेहद कांटे का रहा और निर्धारित शूटिंग के बाद दोनों तीरंदाज 5-5 की बराबरी पर रहीं। इसके बाद मुकाबले का फैसला शूट-ऑफ से हुआ। दबाव भरे इस निर्णायक पल में कुमकुम ने जबरदस्त संयम दिखाते हुए परफेक्ट 10 अंक हासिल किए। उनकी प्रतिद्वंद्वी ओ येजिन शूट-ऑफ में 8 अंक ही बना सकीं। इस तरह कुमकुम ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाते हुए भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।
कुमकुम की इस जीत की खास बात यह भी है कि वह व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में एशियाई खेलों का पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला तीरंदाज बन गई हैं। उनका स्वर्ण भारतीय महिला तीरंदाजी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
सेमीफाइनल में चीन की तीरंदाज को दी मात
स्वर्ण पदक तक पहुंचने के सफर में कुमकुम ने लगातार मजबूत प्रदर्शन किया। सेमीफाइनल में उन्होंने चीन की जिंगयी झू को 6-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इससे पहले क्वार्टर फाइनल में उनका सामना मौजूदा विश्व चैंपियन कांग चेयॉन्ग से हुआ, जहां कुमकुम ने 6-4 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया।
कुमकुम की इस शानदार यात्रा ने न केवल उन्हें व्यक्तिगत स्पर्धा का चैंपियन बनाया, बल्कि भारत के लिए 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक का कोटा स्थान हासिल करने में भी अहम भूमिका निभाई।
टीम और मिक्स्ड डबल्स में भी शानदार प्रदर्शन
कुमकुम मोहोड़ का इस एशियाई खेलों में प्रदर्शन एक स्वर्ण तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने महिला टीम रिकर्व स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता। इस स्पर्धा में उन्होंने अंकिता भकत और कीर्ति शर्मा के साथ मिलकर भारत का प्रतिनिधित्व किया और टीम को शीर्ष स्थान दिलाने में योगदान दिया।
इसके अलावा मिक्स्ड डबल्स स्पर्धा में कुमकुम ने धीरज बोम्मदेवरा के साथ मिलकर रजत पदक हासिल किया। इस तरह प्रतियोगिता में उनके खाते में व्यक्तिगत स्वर्ण, टीम स्वर्ण और मिक्स्ड डबल्स का रजत पदक जुड़ गया है।
कुमकुम मोहोड़ की यह उपलब्धि भारतीय तीरंदाजी में महिला खिलाड़ियों की मजबूत होती पहचान को दर्शाती है। खास तौर पर व्यक्तिगत रिकर्व में उनका ऐतिहासिक स्वर्ण आने वाली पीढ़ी के युवा तीरंदाजों के लिए प्रेरणा बनेगा। शूट-ऑफ में परफेक्ट 10 के साथ हासिल की गई यह जीत लंबे समय तक भारतीय खेल जगत की यादगार उपलब्धियों में शामिल रहेगी।

