देहरादून ; 30.09.2026।
देहरादून। राजधानी देहरादून में भाजपा की पार्षद अमिता सिंह के घर हुई कथित लूट की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। आरोप है कि घर में काम करने वाले घरेलू सहायक ने पहले परिवार के सदस्यों को खाने-पीने की चीज में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया और उनके बेहोश होने के बाद घर में रखी नकदी और कीमती आभूषण लेकर फरार हो गया। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
बताया जा रहा है कि वारदात बल्लीवाला चौक के पास नाथ वाटिका क्षेत्र में हुई। घटना के वक्त घर में पार्षद अमिता सिंह के अलावा उनके पति महिपाल सिंह और बेटे शुभम के मौजूद होने की जानकारी सामने आई है। कथित तौर पर खाना खाने के बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और वे बेहोशी की हालत में पहुंच गए। इसी दौरान घर में मौजूद घरेलू सहायक के फरार होने की बात सामने आई।
करीब 25 दिन पहले ही घर में आया था घरेलू सहायक
पुलिस जांच में घरेलू सहायक की भूमिका फिलहाल प्रमुख बिंदु बनी हुई है। सामने आई जानकारी के अनुसार उसे घटना से करीब 20 से 25 दिन पहले ही घरेलू कामकाज के लिए रखा गया था। रिपोर्टों में बताया गया है कि उसे ऑनलाइन माध्यम से काम पर रखा गया था और वह नेपाल मूल का बताया जा रहा है। कम समय में ही वह परिवार के साथ रहने लगा था।
यही वजह है कि पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि घरेलू सहायक को काम पर रखने से पहले उसके पहचान पत्र, स्थायी पते और अन्य दस्तावेजों का कितना सत्यापन किया गया था। जांच टीम उसके संपर्कों और संभावित ठिकानों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
परिवार के बेहोश होते ही शुरू हुई कथित लूट
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात परिवार ने खाना खाया। इसके बाद सभी की तबीयत खराब होने लगी। आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर घरेलू सहायक ने घर में रखे कीमती सामान को समेटना शुरू कर दिया।
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि परिवार के बेहोश होने के बाद घरेलू सहायक ने अपने कुछ साथियों को भी घर में बुलाया। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि वारदात में केवल घरेलू सहायक शामिल था या उसके साथ अन्य लोग भी थे।
बताया गया है कि घर की अलमारी और लॉकर से नकदी तथा सोने-चांदी के आभूषण गायब मिले। हालांकि, चोरी या लूटे गए सामान की कुल कीमत को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है, इसलिए पुलिस की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
होश आने पर सामने आया पूरा मामला
परिवार के सदस्यों को जब होश आया तो घर की स्थिति देखकर उन्हें घटना का अंदाजा हुआ। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। परिवार के तीन सदस्यों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें उपचार के लिए सिनर्जी अस्पताल ले जाया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अमिता सिंह की तबीयत अधिक प्रभावित हुई, जबकि उनके पति और बेटे की स्थिति बाद में सामान्य बताई गई।
CCTV फुटेज बनी पुलिस के लिए अहम कड़ी
वारदात के बाद पुलिस ने घर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। सामने आई फुटेज में संदिग्ध गतिविधियों और लोगों की आवाजाही की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किस समय घर से निकले और वारदात के बाद किस दिशा में गए।
जांच टीम CCTV फुटेज के अलावा घरेलू सहायक की पहचान, उसके मोबाइल संपर्क, घर में आने-जाने की गतिविधियों और संभावित सहयोगियों से जुड़े पहलुओं को भी जोड़ रही है।
ऑनलाइन हायरिंग और पुलिस वेरिफिकेशन पर भी सवाल
इस घटना ने घरों में घरेलू सहायकों को रखने से पहले पहचान और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है। पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी को काम पर रखने के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और उसकी पहचान का उचित सत्यापन हुआ था या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि उसने पिछले कुछ दिनों में किन लोगों से संपर्क किया था।
मंत्री खजानदास अस्पताल पहुंचे
घटना की जानकारी मिलने के बाद कैबिनेट मंत्री खजानदास भी अस्पताल पहुंचे और अमिता सिंह व उनके परिवार से मुलाकात कर उनका हाल जाना। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
फिलहाल पुलिस का पूरा फोकस फरार घरेलू सहायक तक पहुंचने और वारदात में शामिल संभावित अन्य लोगों की पहचान करने पर है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कथित तौर पर नशीला पदार्थ कहां से आया, वारदात की योजना कैसे तैयार हुई और घर से वास्तव में कितना सामान ले जाया गया।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

