देहरादून ; 20.09.2026।
देहरादून। उत्तराखंड में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी कामयाबी मिली है। एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की टीम ने क्लेमेनटाउन थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए तीन कथित हेरोइन तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 265 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। कार्रवाई के बाद STF अब आरोपियों के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
लंबे समय से मिल रही थी तस्करी की सूचना
STF के अधिकारियों के मुताबिक, देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में हेरोइन की सप्लाई किए जाने की सूचनाएं लगातार मिल रही थीं। इन सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए ANTF की टीम ने संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। टीम को ऐसे लोगों के बारे में भी जानकारी मिल रही थी, जो बाहरी क्षेत्रों से नशीला पदार्थ लाकर देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर इसकी सप्लाई कर रहे थे।
इसी क्रम में शुक्रवार रात STF की टीम ने क्लेमेनटाउन क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई। संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की और तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से 265 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
कलियर के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नावेद अली, साहिब अली और मुकर्रम मलिक के रूप में हुई है। तीनों हरिद्वार जिले के थाना कलियर क्षेत्र के हकीमपुर तुर्रा के निवासी बताए गए हैं।
STF की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों से उनके पुराने गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई गई है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी पहले भी देहरादून और ऋषिकेश के अलग-अलग इलाकों में नशीले पदार्थों की सप्लाई कर चुके हैं। इनमें राजपुर, प्रेमनगर और क्लेमेनटाउन जैसे क्षेत्र शामिल बताए गए हैं।
युवाओं और छात्रों को निशाना बनाने की बात
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे हेरोइन की खेप लेकर देहरादून आए थे। उनका उद्देश्य नशे के आदी युवाओं के साथ-साथ स्कूली छात्रों तक भी नशीला पदार्थ पहुंचाना था। इस जानकारी के सामने आने के बाद STF की जांच और गंभीर हो गई है।
अब टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में थे और नशीले पदार्थ की सप्लाई के लिए किस नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा था। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि देहरादून और ऋषिकेश में इनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।
बोलेरो कैंपर भी कब्जे में
STF ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बोलेरो कैंपर को भी अपने कब्जे में लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे यह वाहन बोरिंग का काम करने वाले एक व्यक्ति से मांगकर लाए थे। अब पुलिस वाहन के इस्तेमाल और उसके मालिक से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या वाहन का इस्तेमाल पहले भी नशीले पदार्थों की आवाजाही के लिए किया गया था या इस बार ही इसका इस्तेमाल किया गया।
मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने की कोशिश
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी को STF की जांच का शुरुआती चरण माना जा रहा है। टीम अब उनसे यह जानकारी जुटा रही है कि हेरोइन की खेप उन्हें किसने उपलब्ध कराई थी। इसके अलावा सप्लाई के लिए इस्तेमाल होने वाले रास्तों, संपर्कों और देहरादून-ऋषिकेश में मौजूद संभावित सहयोगियों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।
STF अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच का उद्देश्य केवल बरामद हेरोइन और गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित न रहकर इसके पीछे मौजूद सप्लाई चैन तक पहुंचना है।
क्लेमेनटाउन थाने में मुकदमा दर्ज
हेरोइन बरामद होने के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ क्लेमेनटाउन थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। STF टीम आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में सामने आने वाली जानकारियों का सत्यापन किया जा रहा है और नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच होगी।
STF की इस कार्रवाई से एक बार फिर साफ हुआ है कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क पर एजेंसियों की निगरानी लगातार बनी हुई है। अब जांच की दिशा इस बात पर टिकी है कि गिरफ्तार आरोपियों के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और हेरोइन की यह खेप उनके पास कहां से पहुंची थी।

