19.09.2026।
देहरादून। जिला सहकारी बैंक नैनीताल की कमान संभालने के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष रविंद्र सिंह रैंकुनी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री आवास में हुई इस भेंट के दौरान रैंकुनी ने अपने निर्वाचन की जानकारी साझा की और मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।
मुलाकात के दौरान नैनीताल जिले में सहकारी बैंक की भूमिका और ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक जरूरतों को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री धामी ने रैंकुनी को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि बैंक की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में सहकारी बैंक आम लोगों को वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में अहम कड़ी हैं। खेती-किसानी से जुड़े परिवारों के साथ-साथ छोटे कारोबार, स्वरोजगार, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण युवाओं के लिए बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना जरूरी है। ऐसे में सहकारी संस्थाओं की जिम्मेदारी केवल ऋण और बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
धामी ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना जरूरी है। सहकारिता के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही काम के अवसर उपलब्ध कराने की संभावनाएं हैं।
उन्होंने जिला सहकारी बैंक नैनीताल के सामने पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत भी बताई। मुख्यमंत्री के अनुसार बैंक की सेवाएं जितनी सरल और आधुनिक होंगी, उतना ही अधिक लाभ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सहकारिता को आर्थिक विकास से जोड़ने के लिए सरकार ‘सहकार से समृद्धि’ की सोच के अनुरूप आगे बढ़ रही है। इसका उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को सिर्फ संस्थागत व्यवस्था के रूप में नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने वाली व्यवस्था के तौर पर मजबूत करना है।
रविंद्र सिंह रैंकुनी ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि जिला सहकारी बैंक नैनीताल को अधिक उपयोगी और प्रभावी बनाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा। उन्होंने बैंक की सेवाओं को आम लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचाने और जरूरतमंद वर्गों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ने की प्रतिबद्धता जताई।

