देहरादून ; 14.09.2026।
देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा इस वर्ष लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे लगातार प्रयासों का असर अब यात्रा के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है। गंगोत्री धाम में पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 7 लाख 84 हजार 321 पहुंच गई है, जबकि यमुनोत्री धाम भी सात लाख से अधिक यात्रियों की मेजबानी कर चुका है।
चारधाम यात्रा के प्रति बढ़ता श्रद्धालुओं का रुझान सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। 12 सितंबर तक 147 दिनों में 50 लाख 28 हजार 497 श्रद्धालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि में 45 लाख 09 हजार 324 श्रद्धालु पहुंचे थे। इस तरह इस वर्ष अब तक 5 लाख 19 हजार 173 अधिक तीर्थयात्रियों ने चारधाम के दर्शन किए हैं।
धामी के नेतृत्व में यात्रा प्रबंधन पर लगातार फोकस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा को लेकर शुरुआत से ही सुरक्षा, यात्री सुविधाओं और बेहतर प्रबंधन को प्राथमिकता दी है। यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं की निगरानी से लेकर आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय रखने तक सरकार की ओर से लगातार तैयारियों पर जोर दिया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच यात्रा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। मुख्यमंत्री के निर्देशन में संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
गंगोत्री धाम में पहली बार 7.84 लाख श्रद्धालु
मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में चल रही चारधाम यात्रा के मौजूदा सीजन में गंगोत्री धाम ने नया इतिहास रचा है। यहां अब तक 7,84,321 श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन कर चुके हैं। यह गंगोत्री धाम के यात्रा इतिहास में अब तक की सर्वाधिक संख्या है।
इससे पहले वर्ष 2022 में 7,81,961, वर्ष 2025 में 7,58,249 और वर्ष 2023 में 7,12,749 यात्री गंगोत्री पहुंचे थे। मौजूदा आंकड़े ने इन सभी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
यमुनोत्री में भी टूटा सात लाख का आंकड़ा
गंगोत्री के बाद यमुनोत्री धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या ने नया मुकाम हासिल किया है। इस वर्ष अब तक 7 लाख 03 हजार 302 यात्री मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष यमुनोत्री धाम में 6 लाख 44 हजार 637 श्रद्धालु पहुंचे थे।
धामों में लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर प्रशासन की ओर से यात्री सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
बदरीनाथ में भी बढ़ा श्रद्धालुओं का आंकड़ा
बदरीनाथ धाम की यात्रा भी इस वर्ष रिकॉर्ड की दिशा में आगे बढ़ रही है। 23 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा ने 12 सितंबर तक 143 दिन पूरे कर लिए हैं। इस दौरान 17 लाख 28 हजार 578 श्रद्धालु भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर चुके हैं।
पिछले वर्ष इसी अवधि में 13 लाख 82 हजार 845 यात्री बदरीनाथ पहुंचे थे। इस वर्ष यह संख्या 3 लाख 45 हजार 733 अधिक है।
हेमकुंट साहिब में भी उमड़ी आस्था
हेमकुंट साहिब में भी इस यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब तक 3 लाख 19 हजार 135 श्रद्धालु हेमकुंट साहिब पहुंच चुके हैं। लगातार बढ़ती संख्या से साफ है कि उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है।
आपदा प्रबंधन तंत्र को 24 घंटे अलर्ट
चारधाम यात्रा के दौरान मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी समेत यात्रा से जुड़े जिलों में आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ ही किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को तैयार रखा गया है। सरकार का जोर इस बात पर है कि श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बावजूद यात्रा व्यवस्था में किसी तरह की परेशानी न आए।
अभी करीब दो महीने का समय बाकी, और बढ़ेगा आंकड़ा
चारधाम यात्रा के मौजूदा आंकड़े इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यात्रा सीजन समाप्त होने में अभी करीब दो महीने का समय बाकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि चारधाम यात्रा का पहला चरण सफल रहा है और दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के उत्तराखंड पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
चारधाम यात्रा के मौजूदा आंकड़े उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता के साथ-साथ धामी सरकार के सामने यात्रा प्रबंधन की बढ़ती जिम्मेदारी को भी रेखांकित करते हैं। आने वाले सप्ताहों में यदि यात्रियों की रफ्तार इसी तरह बनी रही तो चारधाम यात्रा इस वर्ष एक और बड़ा रिकॉर्ड कायम कर सकती है।

