देहरादून, 8 सितंबर 2026।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लंबित अभियोजन मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों को कानून के तहत शीघ्र सजा दिलाने के लिए अभियोजन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, समन्वित और परिणाममुखी बनाया जाए। मुख्य सचिव ने मंगलवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न जनपदों में अभियोजन से जुड़े मामलों की स्थिति की समीक्षा की।
बैठक में उन्होंने खास तौर पर लंबित मामलों की प्रगति, गंभीर अपराधों में की जा रही कार्रवाई और अभियोजन के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मामलों की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी प्रक्रिया आगे बढ़ाने में अड़चन आ रही हो, वहां संबंधित विभागों के बीच तत्काल समन्वय स्थापित कर समाधान निकाला जाए।
मुख्य सचिव ने स्टैंडिंग कमेटी की बैठकें समयबद्ध तरीके से आयोजित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन बैठकों के माध्यम से लंबित प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जरूरी कदम समय पर उठाए जाएं। उनका कहना था कि अभियोजन की मजबूती केवल मामलों की संख्या घटाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक प्रकरण में प्रभावी पैरवी और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के जरिए न्यायिक परिणाम सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
जघन्य अपराधों की भी हुई समीक्षा
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव ने सभी जिलों में जघन्य अपराधों से संबंधित मामलों की अलग से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में जांच और अभियोजन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखते हुए प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों के मामलों में कार्रवाई की गति और अभियोजन की गुणवत्ता दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी मामले में प्रक्रियात्मक, प्रशासनिक या आपसी समन्वय से जुड़ी समस्या सामने आती है, तो उसे संबंधित स्तर पर लंबित रखने के बजाय तत्काल दूर किया जाए। किसी छोटी प्रक्रिया संबंधी कमी के कारण न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
मुख्य सचिव ने लंबित मामलों की लगातार समीक्षा करने और प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी स्पष्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियोजन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए समयसीमा निर्धारित कर कार्यवाही की जाए, ताकि मामलों का निस्तारण अनावश्यक रूप से लंबा न खिंचे।
सेवा संकल्प अभियान की गतिविधियों की जानकारी
बैठक में महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने जिलाधिकारियों को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 15 सितंबर से 18 अक्टूबर, 2026 तक विभिन्न कार्यक्रमों और जनभागीदारी से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ‘भारत 2047’ कार्यक्रम के अंतर्गत 17 सितंबर से 8 अक्टूबर तक छात्र विकसित भारत और भारत 2047 की परिकल्पना से जुड़े विषयों पर निबंध, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। जिला स्तर पर प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों की कलाकृतियों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा तथा चयनित चित्रों को एनिमेटेड लघु फिल्मों का हिस्सा बनाया जाएगा।
विद्यालयों में लगेंगी ‘सेवा और सपना’ की प्रदर्शनियां
महानिदेशक सूचना ने बताया कि ‘सेवा और सपना’ पहल के तहत प्रदेश के विद्यालयों में प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को सेवा, विकास तथा भविष्य की संभावनाओं से जोड़ना होगा।
इसके अलावा 1 से 7 अक्टूबर तक ‘हैकाथॉन एवं इनोवेशन चैलेंज’ आयोजित किया जाएगा। इसमें युवा, स्टार्टअप और शोधकर्ता तकनीक, विकास तथा सामाजिक नवाचार जैसे क्षेत्रों में देश के भविष्य से जुड़ी चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत करेंगे।
खेल, कला और सामाजिक सरोकारों से जुड़ेगा ‘जन कल्याण संवाद’
बंशीधर तिवारी ने बताया कि ‘जन कल्याण संवाद’ के माध्यम से तकनीक, खेल, कला, विज्ञान और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को एक साझा मंच पर लाया जाएगा। इस संवाद के जरिए समाज और देश-दुनिया के प्रति नागरिक जिम्मेदारी, नवाचार और सकारात्मक योगदान जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
वहीं, 7 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति यात्रा दिवस’ के अवसर पर रिले मैराथन आयोजित की जाएगी, जिसमें पेशेवर खिलाड़ियों के साथ आम नागरिक भी हिस्सा ले सकेंगे। इसके साथ खेल प्रतियोगिताओं, साइकिलिंग और बाइक रैली जैसी गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं।

