देहरादून ; 1 सितंबर 2026।
देहरादून। मानसून के बीच उत्तराखंड की चारधाम यात्रा जारी है और बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब यात्रा के अगले चरण को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। 15 सितंबर से बदरीनाथ और केदारनाथ धाम की यात्रा का दूसरा चरण शुरू होना प्रस्तावित है। इस दौरान यात्रियों की संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गई है।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के अनुसार, इस वर्ष यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में अच्छा उत्साह देखने को मिल रहा है। बारिश के बावजूद तीर्थयात्री दोनों धामों का रुख कर रहे हैं। 31 अगस्त तक प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक बदरीनाथ धाम में 16 लाख 78 हजार 8 श्रद्धालु, जबकि केदारनाथ धाम में 14 लाख 73 हजार 325 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इस तरह दोनों धामों में अब तक पहुंचने वाले यात्रियों का आंकड़ा 31 लाख 51 हजार 333 तक पहुंच गया है।
यात्रा के लिए पंजीकरण कराने वालों की संख्या इससे भी अधिक है। बदरीनाथ धाम के लिए 18,82,199 और केदारनाथ धाम के लिए 20,45,644 यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। दोनों धामों का आंकड़ा जोड़ने पर अब तक 39,27,843 पंजीकरण दर्ज किए जा चुके हैं। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में भी धामों में तीर्थयात्रियों की अच्छी संख्या रहने की संभावना है।
दूसरे चरण से पहले व्यवस्थाओं पर विशेष निगरानी
यात्रा के दूसरे दौर में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए बीकेटीसी ने तैयारियों को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। मंदिरों में दर्शन की प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के साथ-साथ उन सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है, जिनका सीधा संबंध यात्रियों की रोजमर्रा की जरूरतों से है।
मंदिर परिसर की साफ-सफाई, पीने के पानी की उपलब्धता, बिजली व्यवस्था और यात्रियों के ठहरने से जुड़ी सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा दर्शन के दौरान भीड़ को व्यवस्थित रखने और श्रद्धालुओं को कम से कम असुविधा हो, इस दिशा में भी संबंधित स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा है कि दूसरे चरण के शुरू होने से पहले सभी जरूरी काम पूरे कर लिए जाएं। उनका जोर इस बात पर है कि धामों में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए अनावश्यक इंतजार या अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं की सुविधा को बताया प्राथमिक लक्ष्य
हेमंत द्विवेदी ने कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के प्रति लोगों की आस्था लगातार मजबूत बनी हुई है। देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा विदेशों से भी श्रद्धालु यात्रा के लिए उत्तराखंड पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रा के दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि बीकेटीसी का प्रयास रहेगा कि यात्रियों को धाम में पहुंचने के बाद दर्शन और अन्य सुविधाओं को लेकर परेशानी न हो। इसी उद्देश्य से व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के मौसम में सतर्कता जरूरी
पर्वतीय क्षेत्रों में मानसून के दौरान मौसम में अचानक बदलाव और सड़क की स्थिति प्रभावित होने की संभावना रहती है। ऐसे में बीकेटीसी अध्यक्ष ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह को नजरअंदाज न करें।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और मार्ग की स्थिति की जानकारी लेते रहें तथा प्रशासन और बीकेटीसी की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उनका कहना है कि यात्रियों की सजगता से यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने में मदद मिलेगी।
15 सितंबर से शुरू होने वाले दूसरे चरण को लेकर अब बीकेटीसी का फोकस व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर है। आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या और मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए धामों में सुविधाओं को उसी अनुरूप बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

