देहरादून ; 27.08.2026,
चम्पावत। रक्षाबंधन के अवसर पर रामलीला मैदान धूरा में आयोजित ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव-2026’ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत जिले के विकास को नई गति देने वाली कई योजनाओं का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने जिले के लिए करीब 62.97 करोड़ रुपये की 50 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सड़क, पेयजल, सिंचाई, पुल और बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी कई घोषणाएं भी कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य गांवों तक बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक अवसर बढ़ाना है। धूरा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के स्थान के लिए पेयजल योजना, धूरा से सेतीचौड़-ब्याला तक संपर्क मार्ग तथा ककनई के बूंगा दुर्गापीपल तक सड़क निर्माण जैसी योजनाओं को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
क्षेत्र में आवागमन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भागिना भंडारी में मुख्य सड़क से राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय प्राथमिक विद्यालय दयारतोली तक सीसी मार्ग एवं इंटरलॉकिंग टाइल्स का कार्य प्रस्तावित है। वहीं धन और बस्तियागूंठ के विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण से धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को भी बेहतर स्वरूप देने की योजना है।
बाढ़ और भूकटाव से सुरक्षा पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान होने वाले भूकटाव और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के लिए सुरक्षा कार्यों की घोषणा की। आमोड़ी, भलुवागाड़ी, डोलाकांडा, फुरकियाझाला, छतकोट, बेलखेत, खिरद्वारी, बुडम, झालाकुड़ी, नौलापानी तथा बस्तियागूंठ के मास्वाड तोक समेत विभिन्न स्थानों पर वायरक्रेट सुरक्षा कार्य किए जाएंगे।
इसके अलावा ग्राम पंचायत पोथ के लदिया नदी पर झूला पुल, बुडम के कठोल में झूला पुल और दियूरी से चौड़ा तक सड़क के सुधारीकरण एवं डामरीकरण का कार्य भी प्रस्तावित है। डांडा ककनई में सिंचाई सुविधा के लिए नलकूप तथा सुखीढांग-डांडा-मीनार मोटर मार्ग पर हॉटमिक्स का काम भी कराया जाएगा।
मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने पर सरकार का फोकस
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कुमाऊंनी भाषा में महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर वह अपनी बहनों, माताओं, बेटियों और भांजियों के बीच अपने घर आए हैं। मातृशक्ति से रक्षा सूत्र बंधवाते हुए उन्होंने प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की ताकत उसकी प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ मेहनतकश और आत्मनिर्भर महिलाओं में भी है। उनके अनुसार महिला सशक्तिकरण का दायरा केवल सरकारी योजनाओं का लाभ देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ परिवार और समाज के फैसलों में बराबर भागीदारी मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को लखपति दीदी से आगे बढ़ाकर करोड़पति बनाने की दिशा में अवसर उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़े स्थानीय उत्पादों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और उनकी बिक्री बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक महिला के आर्थिक रूप से मजबूत होने का असर पूरे परिवार पर पड़ता है। मजबूत परिवार आगे चलकर मजबूत गांव और समाज का आधार बनते हैं और इसी क्रम में एक सशक्त उत्तराखंड का निर्माण होता है।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का दिया संदेश
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। बाल विकास विभाग के स्टॉल पर उन्होंने छोटी बच्चियों के साथ केक काटकर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया। उन्होंने महिला समूहों और विभागीय गतिविधियों की जानकारी भी ली।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, दायित्वधारी श्याम नारायण पाण्डेय, मुकेश महराना, सुभाष बगौली, मनोज कालाकोटी, हेमा जोशी सहित जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा और अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

