देहरादून ; 25 अगस्त 2026।
देहरादून। उत्तराखंड में रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी वस्तुओं के दाम अगर अचानक बढ़ते हैं तो अब प्रशासन की नजर सीधे बाजार की गतिविधियों पर रहेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को ऐसी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर अनावश्यक महंगाई का बोझ न पड़े और बाजार में सामान की उपलब्धता भी बनी रहे।
सरकार ने खासतौर पर उन परिस्थितियों को लेकर सख्ती का संकेत दिया है, जिनमें कुछ कारोबारी अधिक मुनाफे के लिए सामान का भंडारण कर बाजार में उसकी कमी का माहौल बना देते हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि मांग बढ़ने या आपूर्ति में बदलाव को बहाना बनाकर कीमतों में मनमानी बढ़ोतरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
बाजार की गतिविधियों पर प्रशासन की निगरानी
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग समेत संबंधित विभागों को बाजार की स्थिति का नियमित आकलन करना होगा। अधिकारियों को यह देखना होगा कि जरूरी सामान पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है या नहीं और उसकी बिक्री किस कीमत पर हो रही है।
इसके साथ ही दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में उपलब्ध स्टॉक की स्थिति की भी जानकारी जुटाई जाएगी। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कहीं जानबूझकर सामान रोककर उसकी कीमत बढ़ाने की कोशिश तो नहीं की जा रही।
जिलों में जांच की जिम्मेदारी बढ़ी
सरकार ने जिला प्रशासन को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय स्तर पर बाजारों का निरीक्षण कर कीमतों और उपलब्धता की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जाएगा। निर्धारित मानकों से हटकर कारोबार करने या उपभोक्ताओं से अनुचित कीमत वसूलने की स्थिति में नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी कहा है कि बाजार से संबंधित शिकायतों को लंबित न रखा जाए। यदि किसी क्षेत्र से आवश्यक वस्तुओं की कमी, अधिक कीमत वसूली या स्टॉक छिपाने जैसी शिकायत सामने आती है, तो उसकी जांच कर समय पर कदम उठाया जाए।
सरकार का मानना है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में अनियंत्रित बढ़ोतरी का असर सीधे परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है। ऐसे में प्रशासन की कोशिश रहेगी कि मांग-आपूर्ति का संतुलन बिगड़ने से पहले ही स्थिति को संभाला जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने पर जोर देते हुए कहा है कि बाजार व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए। सरकार की प्राथमिकता है कि आम उपभोक्ताओं को जरूरी सामान आसानी से और वाजिब कीमत पर मिलता रहे तथा बाजार में किसी भी तरह की कृत्रिम महंगाई को बढ़ावा न मिले।

