देहरादून ; 24.08.2026,
देहरादून। उत्तराखंड के भविष्य को लेकर राज्य के स्कूली विद्यार्थियों की सोच अब सरकारी नीति-निर्माण तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ को प्रदेश के विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। अभियान के तहत 2.50 लाख से अधिक छात्र अब तक अपने विचार, सुझाव और निबंध ऑनलाइन साझा कर चुके हैं। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी ने इस पहल को महज प्रतियोगिता के बजाय युवाओं की भागीदारी से भविष्य का रोडमैप तैयार करने वाले अभियान का स्वरूप दे दिया है।
छात्रों की सोच से तय होगा विकास का विजन
इस पहल का उद्देश्य उत्तराखंड के विकास को लेकर नई पीढ़ी की प्राथमिकताओं को समझना और उन्हें नीति-निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ना है। विद्यार्थियों से पर्यटन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, तकनीक समेत कुल आठ प्रमुख क्षेत्रों में अपने विचार देने के लिए कहा गया है। खास बात यह है कि इसमें सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ निजी स्कूलों के विद्यार्थी भी भाग ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10 अगस्त को प्रदेश के करीब तीन लाख 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों से ऑनलाइन संवाद किया था। इसी संवाद के दौरान उन्होंने युवाओं से यह जानने की अपील की थी कि वे आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को किस रूप में देखना चाहते हैं। इसके बाद विद्यार्थियों के सुझावों को एक मंच पर लाने के लिए ‘CM Vidyarthi Manthan’ पोर्टल शुरू किया गया।
24 अगस्त तक दर्ज किए जा सकते हैं सुझाव
अभियान में विद्यार्थियों को अपने विचार ऑनलाइन भेजने का अवसर दिया गया है और 24 अगस्त अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। सुझाव जमा करने के बाद विद्यार्थियों को डिजिटल प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे छात्रों में अपनी भागीदारी को लेकर उत्साह बढ़ा है और बड़ी संख्या में युवा इस पहल से जुड़ रहे हैं।
सरकार का मानना है कि प्रदेश के विकास से जुड़े फैसलों में युवाओं की आकांक्षाओं को समझना जरूरी है। पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार, पलायन, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी चुनौतियों से लेकर तकनीक और नए अवसरों तक, विद्यार्थियों के सुझाव भविष्य की नीतियों के लिए उपयोगी आधार बन सकते हैं।
140 विद्यार्थियों को मिलेगा सीधे संवाद का अवसर
अभियान में प्राप्त विचारों में से 140 सर्वश्रेष्ठ और व्यावहारिक सुझावों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा। उन्हें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष भी अपने विजन पर चर्चा करने का मौका मिल सकता है।
इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और करियर निर्माण के लिए स्कॉलरशिप देने की भी व्यवस्था की गई है। यानी विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करने के साथ उनके भविष्य को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
27 अगस्त को रुद्रपुर में हो सकता है विशेष संवाद
अभियान से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, 27 अगस्त को रुद्रपुर में मुख्यमंत्री धामी विद्यार्थियों के साथ उनके सुझावों को लेकर प्रत्यक्ष वैचारिक संवाद कर सकते हैं। इस दौरान युवाओं द्वारा दिए गए विचारों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
अभियान के संयोजक डॉ. राहुल अग्रवाल के मुताबिक, इसका मूल उद्देश्य युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाला वर्ग मानने के बजाय उन्हें उत्तराखंड के विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाना है। मुख्यमंत्री स्तर पर अभियान की लगातार समीक्षा भी की जा रही है।
युवाओं के विजन से नए उत्तराखंड की उम्मीद
‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ की बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि प्रदेश के विद्यार्थी अपने राज्य के भविष्य को लेकर गंभीरता से सोच रहे हैं। ढाई लाख से अधिक सुझावों के रूप में सामने आई यह युवा सोच आने वाले समय में उत्तराखंड के विकास की प्राथमिकताओं को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है। यदि इन विचारों में से व्यावहारिक सुझावों को नीतियों और योजनाओं में स्थान मिलता है, तो यह अभियान युवाओं और शासन के बीच संवाद का एक नया मॉडल भी स्थापित कर सकता है।

