देहरादून ; 23.08.2026,
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के अवसर पर देहरादून में आयोजित दो अलग-अलग कार्यक्रमों में मातृशक्ति के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं। जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म और हाथीबड़कला के सर्वे स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री ने बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृशक्ति का स्नेह और विश्वास उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश देता है। नारी सम्मान को उन्होंने भारतीय संस्कृति और संस्कार की महत्वपूर्ण नींव बताया।
धामी ने उत्तराखंड की महिलाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पहाड़ की मातृशक्ति ने कठिन परिस्थितियों को अपनी ताकत में बदला है। परिवार से लेकर सामाजिक और आर्थिक विकास तक महिलाओं का योगदान बेहद अहम रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब पांच लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भाग ले रही हैं। इसके अलावा सात हजार से अधिक ग्राम संगठन और 500 से ज्यादा क्लस्टर संगठन भी महिला नेतृत्व को मजबूत कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला आत्मनिर्भरता को नई दिशा देने वाली मिसाल है। सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और समान नागरिक संहिता के जरिए महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा को भी उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए विशेष घोषणा करते हुए कहा कि 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में महिलाओं को निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। इस निर्णय से महिलाएं त्योहार के दौरान अपने मायके और परिवारजनों तक आसानी से पहुंच सकेंगी।
चौधरी फार्म में आयोजित कार्यक्रम में जोगिंदर सिंह पुंडीर, आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं सर्वे स्टेडियम के कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर और बड़ी संख्या में महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

