देहरादून ; 22.06.2026,
ज्योतिर्मठ तहसील क्षेत्र के ग्राम लोंग सेगड़ी के पास तमक नाले में 10 अगस्त को आई अतिवृष्टि के दौरान लापता हुए सीमा सड़क संगठन (BRO) की 123 इकाई में तैनात चालक हवलदार पंकज सिंह का शव आखिरकार 12 दिन बाद बरामद कर लिया गया। लंबे समय से चल रहे खोज अभियान के बाद शव मिलने की सूचना से जहां परिजनों को अपनों के लौटने की अंतिम उम्मीद का जवाब मिला, वहीं क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, 10 अगस्त को क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद तमक नाले में अचानक पानी का बहाव बेहद तेज हो गया था। पहाड़ी ढलानों से पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा और बोल्डर भी नाले में आ गए। इसी दौरान तेज बहाव और मलबे की चपेट में आने से चालक हवलदार पंकज सिंह लापता हो गए थे।
घटना के बाद से ही पंकज सिंह की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा था। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, नाले में जमा मलबे और तेज बहाव के कारण राहत एवं खोज दलों के सामने कई चुनौतियां थीं। इसके बावजूद संभावित स्थानों पर लगातार तलाशी अभियान जारी रखा गया।
करीब 12 दिन बाद खोज दल को पंकज सिंह का शव बरामद करने में सफलता मिली। शव मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई पूरी की गई। हादसे की खबर सामने आने के बाद पंकज सिंह के साथियों और स्थानीय लोगों में भी गम का माहौल है।
पंकज सिंह BRO की 123 इकाई में चालक हवलदार के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। ड्यूटी के दौरान प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से उनकी जान चली गई। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार होने वाली भारी बारिश के दौरान अचानक उफान पर आने वाले नाले और मलबे का बहाव किस तरह जानलेवा साबित हो सकता है, यह घटना एक बार फिर इसकी गंभीर तस्वीर सामने लाती है।
पंकज सिंह के शव की बरामदगी के साथ 12 दिनों से जारी तलाश तो समाप्त हो गई, लेकिन परिवार के लिए यह घड़ी बेहद पीड़ादायक है। हादसे ने एक परिवार से उसका सदस्य छीन लिया और BRO की 123 इकाई को भी अपने एक जवान की असमय मौत का दुख झेलना पड़ा है।

