देहरादून ; 22.08.2026,
देहरादून। पथरीबाग चौक पर वाहनों की जांच के दौरान एक छात्र को हिरासत में लिए जाने के बाद शुक्रवार देर शाम मामला गरमा गया। छात्र की हिरासत की सूचना मिलने पर एबीवीपी से जुड़े कई कार्यकर्ता पटेलनगर थाने पहुंचे और पुलिस कार्रवाई को लेकर अपना विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग उठाई।
जानकारी के अनुसार, पथरीबाग चौक पर पुलिसकर्मी वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान वाहनों को हटाने और कार्रवाई को लेकर एक छात्र की पुलिसकर्मियों से बहस हो गई। स्थिति बढ़ने पर पुलिस ने एबीवीपी कार्यकर्ता प्रीतम सेमवाल को हिरासत में ले लिया। इसकी जानकारी मिलने के बाद संगठन के अन्य कार्यकर्ता मौके पर एकत्र होने लगे और बाद में पटेलनगर थाने पहुंच गए।
थाने में पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि छात्र को उचित कारण बताए बिना हिरासत में लिया गया। कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान छात्र के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविक स्थिति विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
विरोध के दौरान थाने के बाहर और परिसर में काफी देर तक नारेबाजी होती रही। कार्यकर्ताओं ने मामले में जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के साथ ही थाना प्रभारी को हटाने की मांग भी रखी। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें जांच के बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाने का प्रयास किया।
मामले को लेकर पुलिस विभाग की ओर से भी जांच शुरू किए जाने की बात सामने आई है। सीओ अंकित कंडारी के अनुसार प्रकरण की विभागीय जांच की जा रही है और जांच के तथ्यों के आधार पर आगे नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, मामले में दो पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किए जाने की जानकारी है। विभागीय स्तर पर कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की भी बात कही जा रही है।
एबीवीपी ने उठाए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
एबीवीपी के प्रदेश मंत्री यशवंत पंवार ने कहा कि संगठन की आपत्ति पुलिस की कार्रवाई के तरीके को लेकर है। उनका कहना है कि छात्रों और युवाओं के साथ किसी भी स्थिति में मर्यादित व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने प्रीतम सेमवाल को हिरासत में लिए जाने की प्रक्रिया और उसके साथ किए गए व्यवहार की जांच की मांग की।
देर रात तक कुछ कार्यकर्ता थाने में मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के बाद स्थिति को शांत कराने का प्रयास जारी रहा। फिलहाल विभागीय जांच को आगे की कार्रवाई का आधार माना जा रहा है। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम से जुड़े आरोपों और कार्रवाई की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

