देहरादून ; 22.08.2026,
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर अपना असर तेज कर सकता है। शनिवार से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम के करवट लेने का अनुमान है। मौसम विभाग ने राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। पर्वतीय इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक देहरादून, टिहरी, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली और पौड़ी में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि इसका असर केवल इन्हीं जिलों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम बदल सकता है और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली के साथ बारिश हो सकती है।
पहाड़ों में मुश्किलें बढ़ने की आशंका
उत्तराखंड में बारिश के दौरान सबसे ज्यादा चुनौती पर्वतीय क्षेत्रों में सामने आती है। तेज वर्षा होने पर पहाड़ी ढलानों से मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इससे संपर्क मार्गों पर आवाजाही प्रभावित होने के साथ-साथ कई जगहों पर यातायात भी रोकना पड़ सकता है।
विशेष रूप से उन सड़कों पर अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी जो भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरती हैं। बारिश के दौरान सड़क पर मलबा आने या अचानक रास्ता बंद होने की स्थिति में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नदी-नालों के आसपास रहने वालों को सावधानी
बारिश का सीधा असर पहाड़ी नदियों और बरसाती गधेरों के जलस्तर पर भी पड़ सकता है। कम समय में तेज बारिश होने पर छोटे नदी-नाले अचानक उफान पर आ सकते हैं। ऐसे में नदी किनारे, नालों के आसपास या निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रशासन की ओर से भी संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने और मौसम की स्थिति के अनुसार जरूरी कदम उठाने की आवश्यकता है। स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों को भी मौसम संबंधी जानकारी लेकर ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से रहें दूर
बारिश के साथ आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे मौसम में खुले मैदान, ऊंचे पेड़, पहाड़ी चोटियों और पानी वाले स्थानों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। गरज-चमक शुरू होने पर सुरक्षित स्थान पर रहना ज्यादा उचित होगा।
जरूरी न हो तो टालें पहाड़ी सफर
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। खासकर बारिश के दौरान वाहन चालकों को पहाड़ी सड़कों पर गति नियंत्रित रखने और सड़क की स्थिति को देखते हुए आगे बढ़ने की जरूरत है।
उत्तराखंड में मौसम तेजी से बदलने वाला है, इसलिए किसी एक स्थान पर मौसम साफ होने का मतलब यह नहीं है कि आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में भी हालात सामान्य होंगे। यात्रियों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखनी चाहिए।
फिलहाल प्रदेश में बारिश का यह दौर लोगों के लिए राहत के साथ चुनौती भी लेकर आ सकता है। जहां बारिश से गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं तेज वर्षा की स्थिति में भूस्खलन, सड़क अवरोध और अचानक बढ़ते जलस्तर जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं। ऐसे में सावधानी, मौसम की जानकारी और जरूरत के मुताबिक यात्रा का फैसला ही सबसे सुरक्षित विकल्प रहेगा।

