देहरादून ; 21.08.2026,
भारत और नेपाल के बीच सीमा सुरक्षा को लेकर आयोजित दो दिवसीय 14वीं ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप बैठक शुक्रवार को संपन्न हो गई। बैठक में दोनों देशों ने सीमा से जुड़े सुरक्षा मामलों पर आपसी समन्वय बढ़ाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाली आपराधिक तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने सीमा पर अब तक किए गए सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। अधिकारियों ने साझा चेकपोस्ट की कार्यक्षमता बढ़ाने, सूचनाओं के आदान-प्रदान को बेहतर बनाने और संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करने को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। सीमावर्ती इलाकों में असामाजिक गतिविधियों को रोकने के लिए दोनों देशों के बीच समन्वित प्रयासों को और मजबूत करने की बात भी सामने आई।
सीमा प्रबंधन को आधुनिक बनाने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और आधुनिक तकनीकी साधनों की मदद से अवैध आवाजाही तथा घुसपैठ पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई। इसके साथ ही सीमा क्षेत्रों में जरूरी आधारभूत सुविधाओं के विकास और सुरक्षा ढांचे को बेहतर बनाने पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय की ज्वाइंट डायरेक्टर पौसुमी बसु ने किया। उन्होंने सीमा सुरक्षा से जुड़े उन विषयों को नेपाली अधिकारियों के सामने रखा, जिन्हें भारत अपनी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानता है। वहीं, नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आनंद काफ्ले ने किया और उन्होंने संबंधित मुद्दों पर नेपाल का पक्ष रखा।
बैठक का एजेंडा केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा। दोनों देशों ने आपसी सहयोग के दूसरे क्षेत्रों को विस्तार देने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। भारत की ओर से नेपाल के साथ ऊर्जा, तकनीकी सहयोग और बुनियादी ढांचे के विकास में साझेदारी आगे बढ़ाने की बात कही गई।
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को भी बैठक में अहम स्थान मिला। भारत नेपाल में हरित ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाओं और निवेश के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में सहयोग करेगा। इससे दोनों देशों के बीच ऊर्जा साझेदारी को नई गति मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा भारत और नेपाल ने अपने पुराने धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रिश्तों को और प्रगाढ़ करने की आवश्यकता पर भी सहमति जताई। दोनों पक्षों का मानना है कि सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के साथ लोगों के बीच पारंपरिक संबंधों को मजबूत करना भी द्विपक्षीय रिश्तों को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कुल मिलाकर, बैठक में सीमा सुरक्षा के साथ-साथ तकनीक, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और सांस्कृतिक सहयोग को लेकर व्यापक दृष्टिकोण अपनाया गया। दोनों देशों के बीच हुई यह बातचीत सीमावर्ती क्षेत्रों को अधिक सुरक्षित बनाने और भारत-नेपाल संबंधों में सहयोग के नए रास्ते तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

