देहरादून ; 20.08.2026,
चमोली जिले के पीपलकोटी-मायापुर क्षेत्र में 13 अगस्त को टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुए दर्दनाक हादसे के बाद केंद्र सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से 19 अगस्त को जारी पत्र में इस सहायता की जानकारी दी गई है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि राहत राशि पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए लाभार्थियों के बैंक खातों और अन्य जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
हादसे में 22 श्रमिक फंसे थे
13 अगस्त की शाम परियोजना की टनल में अचानक भूस्खलन के साथ बड़ी मात्रा में मलबा और पानी पहुंच गया था। इस दौरान टनल के भीतर काम कर रहे 22 श्रमिक फंस गए। हादसे के बाद बचाव एजेंसियों ने तत्काल अभियान शुरू किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य संबंधित एजेंसियों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया।
हादसे में 11 लोगों की जान जाने की सूचना है। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सुरंग निर्माण के दौरान सुरक्षा इंतजामों और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
CM धामी ने खुद संभाली स्थिति की निगरानी
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और राहत-बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। धामी राज्य आपदा परिचालन केंद्र भी पहुंचे, जहां उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति की जानकारी ली और बचाए गए श्रमिकों के स्वास्थ्य के बारे में अधिकारियों से अपडेट लिया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने चमोली के मायापुर-पीपलकोटी क्षेत्र का दौरा कर मौके पर चल रहे बचाव अभियान का जायजा भी लिया। उन्होंने रेस्क्यू टीमों से बातचीत कर टनल के अंदर की स्थिति समझी और अधिकारियों को प्रभावित श्रमिकों तथा उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
धामी ने हादसे के शुरुआती दौर में ही संबंधित एजेंसियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। राज्य सरकार की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी गई और घायलों के उपचार के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को भी तैयार रखा गया।
डीएम को ऑनलाइन पोर्टल पर विवरण दर्ज करने के निर्देश
PMO के पत्र में चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार को पीड़ितों से संबंधित आवश्यक जानकारी ऑनलाइन एक्स-ग्रेशिया पोर्टल पर दर्ज करने को कहा गया है। मृतकों के परिजनों और गंभीर रूप से घायल लोगों का सत्यापित विवरण पोर्टल पर दर्ज करने के साथ बैंक खाते से जुड़े प्रमाणित दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे।
प्रशासन द्वारा आवश्यक जानकारी और बैंक विवरण निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज किए जाने के बाद पात्र लोगों को राहत राशि जारी की जाएगी। इससे मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता मिलने के साथ घायलों के लिए भी तत्काल राहत सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
पीपलकोटी टनल हादसे ने उत्तराखंड में बड़े निर्माण कार्यों, खासकर पहाड़ों के भीतर बनाई जा रही सुरंगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया है। पानी का अचानक रिसाव, भूस्खलन और भारी मलबे का टनल में पहुंचना बचाव अभियान के लिए भी बड़ी चुनौती बना। ऐसे में भविष्य में इस तरह की परियोजनाओं में निगरानी, भूगर्भीय जांच, जल निकासी और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की जरूरत सामने आई है।
केंद्र की PMNRF सहायता और राज्य सरकार की ओर से राहत-बचाव की निगरानी के बीच अब पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद जल्द उपलब्ध कराने पर प्रशासन का ध्यान है। प्रशासनिक स्तर पर दस्तावेज और बैंक विवरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जाएगी।

