देहरादून ; 20.08.2026।
देहरादून। वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) देहरादून में केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा के 38वें प्रशिक्षण बैच का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। वर्ष 2024-26 के इस बैच के प्रशिक्षण के सफल समापन के साथ देश को 28 प्रशिक्षित राज्य वन सेवा अधिकारी मिले हैं। समारोह में अधिकारियों ने वन प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियों के लिए नई पेशेवर यात्रा की शुरुआत की।
इस बैच में देश के चार राज्यों के अधिकारी शामिल रहे। इनमें छत्तीसगढ़ से चार, कर्नाटक से 17, मध्यप्रदेश से छह और उत्तर प्रदेश से एक अधिकारी ने प्रशिक्षण पूरा किया। खास बात यह रही कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अधिकारियों में 12 महिला अधिकारी भी शामिल हैं। उनकी भागीदारी राज्य वन सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती मौजूदगी और वन प्रशासन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है।
दीक्षांत समारोह का आयोजन वन अनुसंधान संस्थान के सभागार में किया गया। कार्यक्रम में वीरेन्द्र आर. तिवारी, भारतीय वन सेवा (सेवानिवृत्त), अध्यक्ष, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, नई दिल्ली मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उनके साथ वन सेवा, प्रशिक्षण और पर्यावरण क्षेत्र से जुड़े अन्य अतिथियों ने भी समारोह में सहभागिता की।
दो वर्ष के प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को वन प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों का व्यावहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया। बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों, जैव विविधता के संरक्षण, वन संसाधनों के सतत उपयोग और स्थानीय स्तर पर वन प्रशासन की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिकारियों को तैयार किया गया।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब ये अधिकारी अपने-अपने राज्यों में वन विभाग की जिम्मेदारियां संभालेंगे। इनके सामने जंगलों की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता को बचाए रखने, स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय और प्राकृतिक संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी।
38वें बैच का यह दीक्षांत समारोह प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण के एक महत्वपूर्ण पड़ाव का समापन ही नहीं, बल्कि वन संरक्षण और पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में उनकी नई जिम्मेदारियों की शुरुआत का अवसर भी रहा।

