देहरादून ; 19.08.2026।
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम अभी राहत देने के मूड में नहीं है। बुधवार को कुछ समय के लिए निकली तेज धूप के बाद शाम को कई इलाकों में बारिश ने दस्तक दी। अब मौसम विभाग ने अगले दिनों में भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला बने रहने का अनुमान जताया है। खासकर पर्वतीय जिलों में मौसम अचानक बिगड़ सकता है।
गुरुवार को देहरादून समेत टिहरी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के साथ गरज और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। बाकी जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश के बीच कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
25 अगस्त तक बदलता रहेगा मौसम
प्रदेश में अगले कई दिनों तक मौसम के एक जैसा रहने की संभावना नहीं है। कभी धूप तो कभी अचानक बादल और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 25 अगस्त तक उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का प्रभाव बना रह सकता है।
पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक होने वाली तेज बारिश को देखते हुए लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील इलाकों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर सफर करने वालों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
देहरादून में स्कूलों पर असर
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए देहरादून जिले में गुरुवार को कक्षा एक से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
दोपहर की गर्मी के बाद शाम को मिली राहत
बुधवार को देहरादून में मौसम का मिजाज दिनभर बदलता रहा। दोपहर में तेज धूप के कारण तापमान बढ़ गया और लोगों को गर्मी व उमस का सामना करना पड़ा। शहर का अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री रहा।
शाम होते-होते बादलों ने आसमान को घेर लिया और कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद तापमान नीचे आया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि कुछ जगहों पर सड़कों पर पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई।
मालदेवता में सबसे ज्यादा बरसे बादल
बुधवार को बारिश के लिहाज से मालदेवता क्षेत्र सबसे आगे रहा। यहां सुबह से शाम तक 83 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सहस्रधारा में 65 मिलीमीटर और मसूरी में 18 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
मौसम के लगातार बदलते रुख के बीच प्रशासन के सामने भी चुनौती बनी हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण सड़कें प्रभावित होने, मलबा आने और जलस्तर बढ़ने जैसी स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जा रही है।

