देहरादून : 19.08.2026।
देहरादून। घरेलू रसोई गैस कनेक्शन से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी को लेकर समय सीमा नजदीक आ गई है। जिले में 23 अगस्त तक सभी उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बावजूद अभी करीब डेढ़ लाख उपभोक्ता इस प्रक्रिया से बाहर हैं। ऐसे में गैस एजेंसियों के सामने निर्धारित समय में शेष उपभोक्ताओं तक पहुंचने की बड़ी चुनौती है।
जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) केके अग्रवाल के अनुसार, देहरादून जिले में 70 गैस एजेंसियों के माध्यम से कुल 7 लाख 16 हजार 845 उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। इनमें से अब तक 5 लाख 66 हजार 845 कनेक्शनों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। वहीं करीब 1 लाख 50 हजार उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना सत्यापन नहीं कराया है।
विभाग की ओर से संबंधित गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लंबित उपभोक्ताओं से संपर्क कर उन्हें ई-केवाईसी कराने के लिए प्रेरित करें। निर्धारित अवधि में शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि आगे चलकर गैस कनेक्शन से संबंधित सेवाओं में किसी तरह की परेशानी न हो।
घर बैठे भी पूरी की जा सकती है प्रक्रिया
ई-केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी तक पहुंचना अनिवार्य नहीं है। इंडियन ऑयल वन एप के माध्यम से भी यह प्रक्रिया घर से पूरी की जा सकती है। इसके लिए उपभोक्ता को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से एप में लॉगिन करना होगा। इसके बाद एप पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों के अनुसार सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
इसके अलावा गैस वितरक के कार्यालय में उपलब्ध बायोमेट्रिक मशीन से भी ई-केवाईसी कराई जा सकती है। जिन उपभोक्ताओं को ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत आ रही है, वे अपनी नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर कर्मचारी की मदद से सत्यापन पूरा करा सकते हैं।
समय रहते करा लें सत्यापन
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरी कर लें। खासतौर पर जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर कनेक्शन से पंजीकृत है, वे एप के जरिए घर बैठे प्रक्रिया पूरी करने का विकल्प अपना सकते हैं। वहीं किसी तकनीकी या अन्य समस्या की स्थिति में संबंधित गैस वितरक से संपर्क किया जा सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि ई-केवाईसी का उद्देश्य उपभोक्ता विवरण का सत्यापन सुनिश्चित करना है, इसलिए लंबित उपभोक्ताओं को 23 अगस्त की समय सीमा से पहले यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।

