देहरादून ; 19.08.2026।
चमोली। विष्णुप्रयाग-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए दर्दनाक हादसे के बाद अब मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। हादसे में घायल एक श्रमिक ने ऋषिकेश स्थित एम्स में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही घटना में घायल श्रमिकों के इलाज और सुरंग में फंसे लोगों की स्थिति को लेकर प्रशासन एवं बचाव दल की निगरानी लगातार जारी है।
यह हादसा 13 अगस्त की शाम करीब साढ़े छह बजे उस समय हुआ, जब परियोजना की सुरंग में अचानक केविटी फटने के बाद बड़ी मात्रा में मलबा और चट्टानी सामग्री अंदर आ गई। अचानक हुए इस घटनाक्रम से सुरंग में काम कर रहे श्रमिकों के बीच अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर मलबे की चपेट में आ गए।
हादसे के वक्त सुरंग के भीतर कुल 28 श्रमिक मौजूद बताए गए थे। बचाव अभियान के दौरान 12 श्रमिकों को घायल अवस्था में सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि छह श्रमिक किसी तरह खुद सुरंग से बाहर निकलने में कामयाब रहे। हादसे में 10 श्रमिकों की मौके पर ही अथवा बाद में मौत की पुष्टि हुई थी। अब उपचार के दौरान एक और घायल श्रमिक की मृत्यु होने से यह आंकड़ा 11 तक पहुंच गया है।
घटना के बाद राहत और बचाव कार्य को प्राथमिकता देते हुए सुरंग में मौजूद मलबे को हटाने तथा प्रभावित हिस्से तक पहुंच बनाने का प्रयास किया गया। घायलों को बेहतर उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को ऋषिकेश एम्स भी भेजा गया था।
इस हादसे ने निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सुरंग के भीतर काम करने के दौरान अचानक भूगर्भीय हलचल और मलबा गिरने जैसी परिस्थितियां बचाव अभियानों को भी चुनौतीपूर्ण बना देती हैं। ऐसे में हादसे के कारणों की तकनीकी जांच के साथ-साथ सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा भी अहम मानी जा रही है।
फिलहाल इस हादसे ने चमोली के साथ-साथ उन परिवारों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है, जिन्होंने अपने परिजनों को इस दुर्घटना में खोया है। मृतकों की संख्या बढ़ने के बाद प्रशासन और परियोजना प्रबंधन के सामने राहत, उपचार तथा प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

