18.08.2026 ; देहरादून।
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मंगलवार, 18 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने देहरादून समेत पांच जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम की सक्रियता को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
देहरादून समेत इन जिलों में भारी बारिश के आसार
18 अगस्त को देहरादून, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का दौर जारी रहने का अनुमान है।
बारिश की तीव्रता बढ़ने पर पहाड़ी इलाकों में सड़कें प्रभावित होने, भूस्खलन और अचानक नदियों व बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
अगले तीन दिन भी बारिश से राहत के आसार कम
मौसम का असर केवल 18 अगस्त तक सीमित रहने वाला नहीं है। 19 अगस्त को बागेश्वर और नैनीताल में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 20 अगस्त को बागेश्वर और देहरादून में भी भारी बारिश हो सकती है।
वहीं, 21 और 22 अगस्त को प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारों का सिलसिला बने रहने की संभावना है। यानी अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड में मौसम पूरी तरह स्थिर होने के संकेत नहीं हैं।
ऋषिकेश में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
लगातार बारिश का असर मैदानी और नदी किनारे के क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। मंगलवार को ऋषिकेश में भारी बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ा और त्रिवेणी घाट जलमग्न हो गया। बीन नदी में तेज बहाव के बीच एक मैक्स वाहन पलटने की भी खबर सामने आई है। इससे साफ है कि पहाड़ों के साथ-साथ नदी और बरसाती नालों के आसपास रहने वाले लोगों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
यात्रियों के लिए जरूरी सावधानी
बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वालों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करनी चाहिए। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में वाहन रोकने या सड़क किनारे खड़े होने से बचना बेहतर रहेगा। नदी, नाले और गदेरे उफान पर होने की स्थिति में उन्हें पार करने का जोखिम बिल्कुल नहीं लेना चाहिए।
प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखना भी जरूरी है। लगातार बारिश की स्थिति में छोटे रास्तों और पहाड़ी संपर्क मार्गों पर अचानक यातायात बाधित हो सकता है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड में अगले कुछ दिन मानसून के लिहाज से सक्रिय रहने वाले हैं। 18 अगस्त को पांच जिलों में भारी बारिश की संभावना और उसके बाद भी कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने से लोगों को मौसम देखकर ही यात्रा और अन्य गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

