13 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। लोकमाता और वीरांगना महारानी अहिल्याबाई होलकर की पुण्यतिथि के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संदेश साझा करते हुए अहिल्याबाई होलकर के जीवन और उनके जनकल्याणकारी कार्यों को देश की सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रेरणादायी बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर धर्मरक्षा, महिला सशक्तिकरण और लोककल्याण की सशक्त प्रतीक थीं। अपने शासनकाल में उन्होंने समाजहित से जुड़े कार्यों के साथ भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अहिल्याबाई होलकर का योगदान केवल एक कुशल शासक के रूप में ही नहीं, बल्कि देश के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण से भी जुड़ा रहा। मंदिरों और मठों के पुनरुद्धार तथा धार्मिक स्थलों के विकास के लिए किए गए उनके प्रयासों ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यों में दूरदृष्टि के साथ जनआस्था और सामाजिक जिम्मेदारी का समन्वय दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और धार्मिक धरोहर के संरक्षण के लिए अहिल्याबाई होलकर द्वारा किए गए कार्य आज भी समाज को दिशा देते हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि दृढ़ नेतृत्व, सेवा भावना और सांस्कृतिक चेतना के माध्यम से समाज में लंबे समय तक सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री धामी ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों को स्मरण करते हुए कहा कि उनके महान कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। भारतीय इतिहास में उनका व्यक्तित्व महिला नेतृत्व, जनसेवा और सांस्कृतिक संरक्षण के उल्लेखनीय उदाहरण के रूप में सदैव स्मरण किया जाता रहेगा।

