11 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। उत्तराखंड में सेना से सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के भविष्य को लेकर राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूर्व अग्निवीरों के पुनर्रोजगार के लिए प्रस्तावित विशेष सेल को औपचारिक मंजूरी दे सकते हैं। मंजूरी मिलने के बाद यह सेल अग्निवीरों को उनकी योग्यता और रुचि के अनुरूप रोजगार से जोड़ने की दिशा में काम शुरू करेगा।
राज्य सरकार की इस पहल को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उत्तराखंड ने अग्निवीरों की सेवा अवधि पूरी होने के बाद उनके रोजगार और करियर को लेकर अलग व्यवस्था तैयार करने की दिशा में कदम उठाया है। सरकार का उद्देश्य केवल नौकरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि पूर्व अग्निवीरों को उनकी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री के अधीन काम करेगा विशेष सेल
अग्निवीरों के मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने प्रस्तावित पुनर्रोजगार सेल को अपने स्तर पर रखने का निर्णय लिया है। सेल में एक सेवानिवृत्त कर्नल के साथ राज्य सरकार के अधिकारी और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल किए जाएंगे। यह टीम पूर्व अग्निवीरों की शैक्षणिक योग्यता, सैन्य अनुभव, कौशल और उनकी व्यक्तिगत रुचि का आकलन कर रोजगार के विकल्प तलाशने में मदद करेगी।
सरकार की योजना के मुताबिक, अलग-अलग पृष्ठभूमि वाले अग्निवीरों के लिए एक जैसी व्यवस्था लागू करने के बजाय उनकी जरूरत के अनुसार विकल्प तैयार किए जाएंगे। इससे उन्हें सेना के बाद दूसरे क्षेत्रों में करियर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
निजी क्षेत्र से लेकर स्वरोजगार तक पर फोकस
जो पूर्व अग्निवीर आगे की पढ़ाई या व्यावसायिक प्रशिक्षण के जरिए निजी क्षेत्र और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में करियर बनाना चाहते हैं, उन्हें आवश्यक शिक्षा और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
वहीं, खुद का कारोबार शुरू करने की इच्छा रखने वाले अग्निवीरों को भी योजना के दायरे में लाया जाएगा। ऐसे युवाओं को आर्थिक सहायता के साथ तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था तैयार की जा रही है, ताकि वे अपने अनुभव और कौशल के आधार पर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।
दिसंबर-जनवरी में करीब 1200 अग्निवीर होंगे सेवा से बाहर
उत्तराखंड में अग्निवीर योजना के शुरुआती बैच से जुड़े करीब 1200 जवान दिसंबर और जनवरी के दौरान अपनी सेवा पूरी कर सकते हैं। ऐसे में सरकार के सामने इन युवाओं के भविष्य को लेकर समयबद्ध व्यवस्था तैयार करने की चुनौती भी है। प्रस्तावित पुनर्रोजगार सेल को इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 17 जुलाई को पूर्व अग्निवीरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विशेष सेल गठित करने की घोषणा की थी। अब करीब एक महीने के भीतर इसके गठन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिए जाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी संबंधित औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।
सैनिक कल्याण बोर्ड के अनुभव का भी मिलेगा लाभ
उत्तराखंड में पहले से ही सैनिक कल्याण बोर्ड पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के पुनर्वास तथा रोजगार से जुड़े मामलों में काम कर रहा है। सरकार प्रस्तावित अग्निवीर पुनर्रोजगार व्यवस्था में बोर्ड के अनुभव और कार्यप्रणाली का भी उपयोग कर सकती है।
सरकार का मानना है कि सैन्य सेवा से जुड़े युवाओं की क्षमताओं और अनुशासन का इस्तेमाल विभिन्न रोजगार क्षेत्रों में किया जा सकता है। इसी सोच के साथ प्रस्तावित सेल पूर्व अग्निवीरों को सरकारी, निजी क्षेत्र, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार जैसे अलग-अलग विकल्पों से जोड़ने की दिशा में काम करेगा।
यदि स्वतंत्रता दिवस पर सेल को औपचारिक स्वीकृति मिलती है, तो आने वाले महीनों में सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए रोजगार संबंधी मार्गदर्शन और सहायता की प्रक्रिया को और व्यवस्थित रूप दिया जा सकेगा।

