11 august 2026 ; Dehradun।
कालीमठ। शक्तिपीठ कालीमठ की आराध्य देवी मां कालीमाई की केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण का शुभारंभ 23 अगस्त से होगा। यात्रा के दौरान मां कालीमाई केदारनाथ धाम पहुंचने के साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर श्रद्धालुओं को दर्शन और आशीर्वाद देंगी। यात्रा को लेकर क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।
द्वितीय चरण की यात्रा की तिथि निर्धारित करने के लिए कालीमठ स्थित लक्ष्मी मंदिर परिसर में कालीमाई पंचगांई समिति की बैठक आयोजित की गई। समिति अध्यक्ष लखपत सिंह राणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में हकहकूकधारियों, ब्रह्मा और आचार्य-पुजारी मौजूद रहे। धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के अनुसार विचार-विमर्श के बाद 23 अगस्त को यात्रा के शुभारंभ का निर्णय लिया गया।
समिति से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार मां कालीमाई की यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की वर्षों पुरानी आस्था और परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर मां कालीमाई के दर्शन-पूजन और मंगलगान का आयोजन होगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को देवी की आराधना का अवसर मिलेगा।
बैठक में ब्रह्मा वेंकटरमण सेमवाल और आचार्य भगवती प्रसाद देवशाली ने कहा कि मां कालीमाई की मंगल यात्रा क्षेत्र की धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि देव यात्रा के माध्यम से पीढ़ियों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं को जीवंत रखने के साथ ही नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और आस्था से जोड़ने का अवसर मिलता है।
समिति अध्यक्ष लखपत सिंह राणा और महामंत्री सुरेशानंद गौड़ ने क्षेत्र के ग्रामीणों तथा श्रद्धालुओं से यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु मां कालीमाई के दर्शन एवं पूजन कर मंगलगान में सहभागी बनें और यात्रा को भव्य एवं व्यवस्थित बनाने में अपना सहयोग दें।
उन्होंने यह भी कहा कि देव यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सहभागिता धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मां कालीमाई की यात्रा से जुड़े गांवों में भी इस अवसर को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिलेगा।
बैठक में परमानंद गौड़, कोषाध्यक्ष पुष्कर सिंह राणा, वीरेंद्र सिंह रावत, सूरज सिंह राणा, नरोत्तम सिंह, बलबीर रौथाण, प्रदीप राणा, कुलदीप रावत, सीमा देवी, सरोज राणा, सुदर्शन राणा सहित कालीमाई पंचगांई क्षेत्र के ग्रामीण और हकहकूकधारी मौजूद रहे। इसके अलावा बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण सहित अन्य पदाधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।
23 अगस्त से शुरू होने वाली इस यात्रा को लेकर अब तैयारियों को गति दी जाएगी। मां कालीमाई के केदारनाथ धाम और आसपास के गांवों में भ्रमण के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।

