9 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत का उत्तराखंड से लगाव किसी से छिपा नहीं है। अब वह इस रिश्ते को और मजबूत करते हुए देवभूमि में अपना स्थायी ठिकाना बनाने की तैयारी में हैं। पंत दिल्ली से अपना बेस उत्तराखंड शिफ्ट करना चाहते हैं, लेकिन जमीन खरीदने की प्रक्रिया में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मदद मांगी है। मुख्यमंत्री ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को पंत से संपर्क करने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड में अपना घर चाहते हैं पंत
ऋषभ पंत ने हाल ही में सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि वह उत्तराखंड में जमीन खरीदकर अपना घर बनाना चाहते हैं, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद उन्हें ऐसी बड़ी और उपयुक्त जमीन नहीं मिल पा रही है, जहां वह अपना घर बना सकें।
पंत ने अपने संदेश में उत्तराखंड के प्रति अपने प्रेम का जिक्र करते हुए कहा कि वह अपने बेस को दिल्ली से उत्तराखंड लाना चाहते हैं। उनका मकसद राज्य में अपनी जड़ें और मजबूत करना है।
खास बात यह है कि पंत ने स्पष्ट किया कि वह सरकार से किसी तरह की मुफ्त जमीन या विशेष रियायत नहीं मांग रहे हैं। उनकी इच्छा है कि यदि नियम अनुमति देते हैं तो वह सरकारी दरों पर जमीन खरीदकर उत्तराखंड में अपना पहला घर बनाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी नहीं है। ऐसे में उन्होंने मुख्यमंत्री से इस संबंध में रास्ता दिखाने और आवश्यक सहयोग दिलाने का आग्रह किया।
पंत के पोस्ट पर CM धामी का तुरंत जवाब
ऋषभ पंत की अपील पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। धामी ने पंत को उत्तराखंड का गौरव बताते हुए कहा कि क्रिकेट के मैदान पर उनकी उपलब्धियों ने देश और दुनिया में प्रदेश का नाम रोशन किया है।
मुख्यमंत्री ने पंत की मातृभूमि के प्रति भावना की सराहना करते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अधिकारी जल्द ही ऋषभ पंत से संपर्क करेंगे और नियमों के अनुसार उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
अब देखना होगा कि सरकारी स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद पंत को उत्तराखंड में अपने सपनों का आशियाना बनाने के लिए जमीन मिल पाती है या नहीं।
आयकर भुगतान में भी पंत का बड़ा योगदान
ऋषभ पंत इन दिनों उत्तराखंड में जमीन की तलाश को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन इसी बीच उनके बड़े आयकर योगदान ने भी ध्यान खींचा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंत ने 23.84 करोड़ रुपये आयकर जमा कराया।
आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड के नॉन-कॉरपोरेट करदाताओं में पंत चौथे स्थान पर रहे। उनसे अधिक आयकर जमा करने वालों में सिग्नेचर फाइटोकेमिकल्स इंडस्ट्रीज ने 54 करोड़ रुपये, कैलाश रिवर बेड मिनरल ने 40.74 करोड़ रुपये और उत्तरांचल ग्रामीण बैंक ने 28.95 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
कॉरपोरेट श्रेणी में ओएनजीसी सबसे आगे रही। कंपनी ने इस अवधि में करीब 13,564 करोड़ रुपये आयकर जमा कराया।
लगातार दूसरे साल बड़े निजी करदाताओं में पंत
पंत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी अहम है क्योंकि वह लगातार दूसरे वर्ष उत्तराखंड के बड़े व्यक्तिगत आयकरदाताओं में शामिल हुए हैं। क्रिकेट से होने वाली कमाई के साथ-साथ विज्ञापन और ब्रांड एंडोर्समेंट से उनकी आय भी काफी अधिक है, जिसका असर उनके टैक्स योगदान में दिखाई देता है।
एक तरफ पंत करोड़ों रुपये का आयकर देकर प्रदेश के प्रमुख व्यक्तिगत करदाताओं में अपनी जगह बनाए हुए हैं, तो दूसरी तरफ अब वह उसी राज्य में अपना घर बनाने की इच्छा जता रहे हैं, जिसे वह अपनी मातृभूमि मानते हैं।
अब जमीन मिलेगी तो देवभूमि में बनेगा पंत का घर?
ऋषभ पंत की इच्छा सिर्फ जमीन खरीदने तक सीमित नहीं है। वह उत्तराखंड में अपना बेस बनाकर यहां रहने और राज्य से अपने जुड़ाव को और मजबूत करने की बात कह चुके हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जमीन खरीद की प्रक्रिया में आने वाली अड़चनें दूर होती हैं या नहीं, इस पर अब सभी की नजर है।
पंत की अपील और मुख्यमंत्री के जवाब ने एक बात जरूर साफ कर दी है—देश के स्टार क्रिकेटर के लिए उत्तराखंड सिर्फ जन्मभूमि नहीं, बल्कि अब संभावित कर्मभूमि और स्थायी घर की जगह भी बनने जा रहा है।

