8 august 2026 ; Dehradun।
हरिद्वार। सावन की कांवड़ यात्रा अपने चरम की ओर बढ़ रही है और धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। हर की पौड़ी समेत गंगा के प्रमुख घाटों पर बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचकर पवित्र गंगा में स्नान कर रहे हैं। घाटों पर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आ रहा है।
देश के अलग-अलग हिस्सों से हरिद्वार पहुंचे कांवड़िए पहले मां गंगा में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं और इसके बाद गंगाजल कांवड़ में भरकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। कई श्रद्धालु समूहों में पैदल यात्रा करते नजर आ रहे हैं, जबकि डाक कांवड़ के लिए आने वाले शिवभक्त भी तेजी से अपनी यात्रा पूरी करने में जुटे हैं।
हर की पौड़ी पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालु पूजा-अर्चना और प्रार्थना करते नजर आए। स्नान के बाद कांवड़ियों ने गंगाजल को विधिवत अपनी कांवड़ में सुरक्षित रखा और भगवान शिव के जलाभिषेक के संकल्प के साथ आगे बढ़े।
जयघोष से गूंज रहा धर्मनगरी का माहौल
कांवड़ यात्रा के चलते हरिद्वार की सड़कों और आसपास के इलाकों में भी धार्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है। भगवा वस्त्रों में शिवभक्तों की टोलियां कांवड़ लेकर आगे बढ़ रही हैं। जगह-जगह सेवा शिविरों के माध्यम से कांवड़ियों को भोजन, पानी और आराम की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण की ओर बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। प्रशासन और पुलिस भीड़ के बीच व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारु रखने पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हालिया रिपोर्टों में हरिद्वार से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के गंगाजल लेकर रवाना होने की जानकारी सामने आई है।
गंगाजल लेकर अपने शहरों की ओर लौट रहे शिवभक्त
हरिद्वार पहुंचने वाले कांवड़ियों के लिए गंगा स्नान और गंगाजल भरना यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु हर की पौड़ी पहुंच रहे हैं और स्नान के बाद कांवड़ में जल लेकर अपने घरों तथा स्थानीय शिवालयों की ओर लौट रहे हैं।
कांवड़ यात्रा के चलते इस समय हरिद्वार में आध्यात्मिक माहौल के साथ-साथ उत्सव जैसा दृश्य भी दिखाई दे रहा है। श्रद्धालुओं की आस्था, शिवभक्ति के जयकारे और गंगा घाटों पर उमड़ती भीड़ धर्मनगरी की तस्वीर को पूरी तरह शिवमय बना रही है।

