8 अगस्त। देहरादून। ;
देहरादून। उत्तराखंड के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। प्रदेश के करीब 10 हजार बेरोजगार युवाओं को देश की नामी बहुराष्ट्रीय और निजी कंपनियों में नौकरी दिलाने के उद्देश्य से अगले चार महीनों के दौरान गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में चार रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा।
इन रोजगार मेलों को केवल तकनीकी संस्थानों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसमें पॉलीटेक्निक, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों तथा पासआउट युवाओं को कंपनियों के सामने अपनी योग्यता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही विद्यालयी शिक्षा के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों से जुड़े विद्यार्थी, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवा और ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार भी इन आयोजनों में भाग ले सकेंगे।
गढ़वाल और कुमाऊं में दो-दो रोजगार मेले
तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शनिवार को अपने शासकीय आवास पर विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में रोजगार मेलों की तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार गढ़वाल मंडल में श्रीनगर और देहरादून, जबकि कुमाऊं मंडल में काशीपुर और अल्मोड़ा में रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे।
इन आयोजनों में विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि युवाओं को उनकी शैक्षिक योग्यता, तकनीकी दक्षता और रुचि के अनुरूप रोजगार के विकल्प मिल सकें। विभाग की कोशिश है कि रोजगार मेले महज औपचारिक आयोजन न रहकर युवाओं और कंपनियों के बीच सीधे संवाद तथा चयन का प्रभावी माध्यम बनें।
एक सप्ताह में शुरू होगा ऑनलाइन पंजीकरण
रोजगार मेलों में शामिल होने के इच्छुक युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग जल्द ही निश्शुल्क ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था शुरू करेगा। अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे प्रदेश के दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले युवा भी घर बैठे रोजगार मेले के लिए आवेदन कर सकेंगे।
सरकार का फोकस ऐसे युवाओं पर भी है जो पारंपरिक डिग्री के साथ-साथ कौशल आधारित प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। आईटीआई, पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग संस्थानों से निकलने वाले युवाओं को कंपनियों की जरूरत के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में इन मेलों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चार विभाग मिलकर संभालेंगे जिम्मेदारी
रोजगार अभियान को व्यापक बनाने के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग के साथ विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, सेवायोजन और कौशल विकास विभाग की भी भागीदारी होगी। रोजगार मेलों की विस्तृत रूपरेखा और कंपनियों की भागीदारी तय करने के लिए जल्द ही उच्चस्तरीय संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में सचिव उच्च शिक्षा बीवीआरसी पुरुषोत्तम, सचिव तकनीकी शिक्षा डॉ. रणजीत कुमार सिन्हा समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं, ताकि निर्धारित अवधि में अधिक से अधिक युवाओं तक अभियान का लाभ पहुंच सके।
अब तक 42 हजार युवाओं को रोजगार का दावा
समीक्षा बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना प्रमुख है। उनके अनुसार सरकार के स्तर से अब तक करीब 42 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। इसमें स्थायी नियुक्तियों के साथ संविदा और आउटसोर्स माध्यम से मिली नौकरियां भी शामिल हैं।
नए रोजगार मेलों के जरिए सरकार अब निजी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। विभाग का मानना है कि इससे राज्य के तकनीकी और कौशल प्रशिक्षित युवाओं को अपने ही राज्य में अवसर तलाशने के साथ देश के अन्य हिस्सों में रोजगार हासिल करने का मंच भी मिलेगा।
विभागीय योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए बनेगा मीडिया सेल
बैठक में विभागीय कामकाज के प्रचार-प्रसार को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। तकनीकी शिक्षा विभाग के मुख्यालयों में मीडिया सेल गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक सेल में आईटी और तकनीकी रूप से दक्ष तीन कार्मिक तैनात किए जाएंगे।
ये कर्मचारी विभाग की वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नियमित रूप से अपडेट करेंगे। साथ ही सरकार की योजनाओं, विभागीय उपलब्धियों और नई पहलों की जानकारी आम लोगों तथा युवाओं तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाने का काम करेंगे। इससे विभागीय गतिविधियों और रोजगार से जुड़ी सूचनाओं को समय पर युवाओं तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

