7 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस ने लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अपने प्रदेश संगठन को नई दिशा देने की पहल करते हुए नई प्रदेश कार्यकारिणी और विभिन्न समितियों का गठन कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में तैयार की गई इस टीम को पार्टी हाईकमान ने मंजूरी दे दी है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आठ अगस्त को हल्द्वानी पहुंचने वाले हैं। ऐसे में नई टीम का गठन आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
करीब नौ महीने से प्रदेश संगठन के विस्तार का इंतजार किया जा रहा था। प्रदेश नेतृत्व की ओर से पदाधिकारियों के नाम पहले ही केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिए गए थे, लेकिन विभिन्न स्तरों पर विचार-विमर्श के बाद अब अंतिम सूची जारी की गई है। पार्टी का मानना है कि नई जिम्मेदारियां मिलने से संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी आएगी और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा होगा।
नई कार्यकारिणी में संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक कोषाध्यक्ष, 24 प्रदेश उपाध्यक्ष, 36 महासचिव और 107 प्रदेश सचिव नियुक्त किए गए हैं। इस व्यापक विस्तार के जरिए कांग्रेस ने यह संकेत दिया है कि वह बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय और प्रभावी बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी गोदावरी थापली को सौंपी गई है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर हेमेश खर्कवाल, विजय सारस्वत, सूर्यकांत धस्माना, धीरेंद्र प्रताप, मनोज रावत, सतीश नैनवाल, शहरयार खान, सी.पी. सिंह, संजय पालीवाल, सुखविंदर कौर, राजीव महर्षि, हेमंत बगड़वाल, मधु संगूड़ी, डॉ. प्रेम बहुखंडी, संजय जैन, सुजाता पाल, संजय सैनी और इंदु मान सहित कुल 24 नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
महासचिव पद पर भी कई अनुभवी और सक्रिय नेताओं को स्थान मिला है। इनमें राजेंद्र भंडारी, नवीन जोशी, अभिषेक सिंह, विजय गुन्सोला, पुष्कर जैन, राकेश लाल शाह, दीप शर्मा, मकबूल कुरैशी, अमरजीत सिंह, जयेंद्र रमोला, संजय किरोला, गौरव चौधरी, डॉ. गणेश उपाध्याय, बीरेंद्र पोखरियाल, नीरज त्यागी, राकेश सिंह राणा, इशिता सेधा, राकेश नेगी, अरविंद प्रधान, शोभा बिष्ट, दीपा आर्या, अश्वनी बहुगुणा, नरेंद्र राणा, सोनिया आनंद और संदीप चीमा सहित 36 नेताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा 107 प्रदेश सचिवों की नियुक्ति कर संगठन का दायरा और अधिक व्यापक बनाया गया है।
नई कार्यकारिणी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें अनुभवी नेताओं के साथ-साथ अपेक्षाकृत नए चेहरों को भी पर्याप्त अवसर दिया गया है। क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न वर्गों के नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि प्रदेश के सभी हिस्सों में संगठन की सक्रियता बढ़ाई जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस नेतृत्व ने इस नई टीम के माध्यम से आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी तैयारियों का स्पष्ट संकेत दिया है। अब सभी की नजरें हल्द्वानी में होने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दौरे पर हैं, जहां नई कार्यकारिणी के साथ पार्टी चुनावी रणनीति और संगठन की भावी कार्ययोजना को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दे सकती है।

