7 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, सामाजिक कल्याण, श्रमिक हित, खेल, पशुपालन और आधारभूत ढांचे से जुड़े 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के इन फैसलों का उद्देश्य आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, रोजगार के अवसर बढ़ाना, किसानों और पशुपालकों को आर्थिक सहायता देना तथा प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
सामान्य वर्ग को भी मिलेगा गौ पालन योजना का लाभ
कैबिनेट ने राज्य की गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब सामान्य वर्ग के पात्र लाभार्थियों को भी इसमें शामिल करने का निर्णय लिया है। योजना के तहत अधिकतम दो दुधारू पशुओं की खरीद पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी और पशुपालन से जुड़े परिवारों की आय बढ़ेगी।
श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के लिए नई नियमावली
उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली, 2026 को मंजूरी देते हुए सरकार ने श्रमिकों के अधिकारों को और मजबूत किया है। नए नियमों के अनुसार प्रत्येक नियोक्ता को हर महीने की 7 तारीख तक मजदूरों का वेतन देना अनिवार्य होगा। वेतन का भुगतान डिजिटल माध्यम से किया जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही महिला और पुरुष श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित किया जाएगा तथा श्रमिकों के शोषण पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं।
खेल विश्वविद्यालय को मिलेगी नई मजबूती
हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के सुचारु संचालन के लिए 122 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इन पदों पर शिक्षकों, प्रशिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति होगी। सरकार का लक्ष्य आधुनिक खेल सुविधाओं का विकास कर प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
हाईकोर्ट परिसर निर्माण की दिशा में बड़ा कदम
हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में प्रस्तावित हाईकोर्ट परिसर के निर्माण के लिए लगभग 30 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई। नए परिसर में न्यायालय भवन, न्यायाधीशों के आवास, अधिवक्ताओं के चैंबर, प्रशासनिक भवन, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे न्यायिक कार्यों के संचालन में सुविधा मिलने के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को भी पूरा किया जा सकेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर सहमति दी। इस परियोजना से हरिद्वार सहित उत्तराखंड के धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही व्यापार, उद्योग, पर्यटन और माल परिवहन को भी गति मिलने की संभावना है।
सामाजिक कल्याण और शिक्षा को मिलेगा लाभ
समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावासों के संचालन के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई। नई व्यवस्था से छात्रावासों का संचालन अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगा तथा विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
जल जीवन मिशन और सहकारी समितियों में सुधार
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं को ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरित करने के लिए नई कार्यप्रणाली को मंजूरी दी गई। इससे स्थानीय स्तर पर जल योजनाओं का बेहतर संचालन और रखरखाव सुनिश्चित होगा। वहीं सहकारी समिति नियमों में संशोधन कर कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के सदस्य बनने में मौजूद कानूनी बाधाओं को समाप्त करने का निर्णय लिया गया, जिससे सामाजिक समानता को बढ़ावा मिलेगा।
उद्योग, वन और जीएसटी से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट ने औद्योगिक संबंध नियमावली, वन विकास निगम सेवा संशोधन नियमावली और राज्य जीएसटी संशोधन अध्यादेश को भी स्वीकृति प्रदान की। इन फैसलों का उद्देश्य औद्योगिक माहौल को बेहतर बनाना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल करना, कर्मचारियों के सेवा नियमों में सुधार करना तथा राज्य की कर व्यवस्था को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाना है।
ईको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
वन क्षेत्रों में ईको टूरिज्म परियोजनाओं को गति देने के लिए उच्चाधिकार प्राप्त समिति के ढांचे में संशोधन किया गया है। सरकार नए ईको टूरिज्म केंद्र विकसित करने, ट्रेकिंग, पर्वतारोहण, नेचर ट्रेल और अन्य साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना पर काम करेगी। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार का उद्देश्य
कैबिनेट के इन फैसलों से पशुपालन, श्रमिक कल्याण, खेल, न्यायिक आधारभूत ढांचे, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन और औद्योगिक विकास जैसे कई क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। राज्य सरकार का कहना है कि इन निर्णयों के माध्यम से विकास योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा और आम नागरिकों को उनका सीधा लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

