6 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार का दावा है कि इस अवधि में 33 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नियमित नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए कई प्रशासनिक सुधार भी किए गए हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC), उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) तथा चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से लगातार भर्ती प्रक्रियाएं संचालित की गईं। इन भर्तियों में शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी और गैर-तकनीकी सहित अनेक विभागों के पद शामिल रहे।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने नकल और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। सरकार का मानना है कि इस कानून के लागू होने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति अभ्यर्थियों का विश्वास मजबूत हुआ है और भर्ती प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय बनी है।
सरकार केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं को स्वरोजगार के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए, ताकि युवा अपने स्तर पर भी रोजगार के नए अवसर विकसित कर सकें। इसके साथ ही प्रदेश के युवाओं के लिए राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की गई है।
राज्य सरकार का कहना है कि रोजगार सृजन, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और कौशल विकास जैसे प्रयासों के माध्यम से युवाओं को बेहतर भविष्य उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य लगातार जारी है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में भी रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को गति देने और रोजगार के नए अवसर तैयार करने का है।

