5 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण के दौरान नाम या उम्र में विसंगति को लेकर नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए राहत की खबर है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में लोगों को अलग-अलग दस्तावेज जुटाने की जरूरत नहीं होगी। पहचान सत्यापन के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 11 दस्तावेजों में से किसी एक प्रमाणपत्र को प्रस्तुत करना ही पर्याप्त होगा।
उन्होंने कहा कि नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का नाम सूची से हटाया जाएगा। यदि संबंधित व्यक्ति निर्धारित दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत कर देता है, तो उसी के आधार पर उसकी पहचान का सत्यापन किया जाएगा।
केवल अप्रमाणित मतदाताओं को बुलाया जाएगा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, जिन मतदाताओं का सत्यापन और मैपिंग पहले ही पूरी हो चुकी है, उन्हें सामान्य रूप से बीएलओ के समक्ष पेश होने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल उन्हीं मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा, जिनकी मैपिंग या सत्यापन अभी बाकी है।
नाम और उम्र की गड़बड़ी वाले नोटिस बढ़े
एसआईआर के दूसरे चरण में कई ऐसे मतदाताओं को भी नोटिस मिले हैं, जिनका सत्यापन पहले ही हो चुका था। अधिकांश मामलों में नाम की वर्तनी, उम्र या पारिवारिक विवरण में अंतर दर्ज किया गया है। कुछ नोटिसों में मतदाता और उसके माता-पिता की उम्र के बीच असामान्य अंतर दिखाया गया है, जबकि कई मामलों में नाम से जुड़ी त्रुटियां सामने आई हैं।
आयोग ने दूर किया भ्रम
कुछ मतदाताओं ने शिकायत की थी कि उनसे माता-पिता की उम्र से जुड़े अतिरिक्त प्रमाणपत्र मांगे जा रहे हैं। इस पर निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति में अलग से अतिरिक्त दस्तावेज देना अनिवार्य नहीं है। आयोग की ओर से निर्धारित 11 वैध दस्तावेजों में से किसी एक के आधार पर पहचान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि नोटिस मिलने पर घबराने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि मतदाता सूची का पुनरीक्षण पारदर्शी और सुचारु रूप से पूरा किया जा सके।

