3 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इस संबंध में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा स्थित खुरपिया फार्म में संस्थान स्थापित करने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान राज्य सरकार ने केंद्र के समक्ष उत्तराखंड का पक्ष रखते हुए बताया कि संस्थान की स्थापना के लिए 50 एकड़ विवाद रहित भूमि पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी है। यह भूमि सभी आवश्यक मानकों पर खरी उतरती है और संस्थान के निर्माण के लिए उपयुक्त मानी जा रही है।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड लंबे समय से आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा की समृद्ध परंपरा का केंद्र रहा है। ऋषिकेश की वैश्विक योग पहचान और राज्य में मौजूद आयुर्वेदिक शिक्षा एवं उपचार व्यवस्था को देखते हुए यहां राष्ट्रीय स्तर का आयुर्वेद संस्थान स्थापित करना स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण कदम होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रस्तावित स्थल सड़क, रेल और हवाई संपर्क की बेहतर सुविधाओं से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा भविष्य में विकसित होने वाले एम्स सैटेलाइट सेंटर के निकट होने से यह क्षेत्र आधुनिक और पारंपरिक चिकित्सा के समन्वित केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।
गौरतलब है कि इससे पहले हरिद्वार स्थित गुरुकुल आयुर्वेद कॉलेज को उन्नत कर अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन उसे आयुष मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिल सकी थी। अब राज्य सरकार ने किच्छा के खुरपिया फार्म को नए विकल्प के रूप में आगे बढ़ाया है और केंद्र से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई है।

