3 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। मैदानी क्षेत्रों में सावन मास की शुरुआत के साथ ही देहरादून के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सावन के पहले सोमवार पर सुबह से ही भक्त भगवान शिव के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे। पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला चलता रहा, जबकि शाम के समय मंदिरों में विशेष श्रृंगार और आरती का आयोजन भी किया जाएगा।
टपकेश्वर महादेव मंदिर में सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान
शहर के प्रसिद्ध श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की अधिक संख्या को देखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर परिसर और प्रवेश मार्गों पर पुलिस के साथ-साथ सेवादारों की तैनाती की गई है, ताकि दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से जलाभिषेक कराने के लिए अलग-अलग स्थानों पर सहयोगी दल सक्रिय हैं।
अन्य शिवालयों में भी भक्तों की लंबी कतारें
टपकेश्वर महादेव मंदिर के अलावा शहर के कई प्रमुख शिवालयों में भी सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर समितियों ने दर्शन और पूजा की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई है। कई मंदिरों में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गंगाजल की व्यवस्था भी की गई है, जिससे भक्त आसानी से जलाभिषेक कर सकें।
मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में अलग-अलग परंपरा
उत्तराखंड में सावन मास की शुरुआत मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में अलग-अलग परंपराओं के अनुसार होती है। पर्वतीय क्षेत्रों में संक्रांति से सावन का आरंभ माना जाता है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में पूर्णिमा के बाद सावन शुरू होता है। इसी कारण दोनों क्षेत्रों में सावन के सोमवार और धार्मिक आयोजनों की तिथियों में अंतर रहता है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि सावन के पूरे महीने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे देखते हुए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, पेयजल, कतार व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्वक दर्शन करें, ताकि सभी भक्तों को सुगमता से पूजा-अर्चना का अवसर मिल सके।
पूरे सावन माह चलेगा धार्मिक माहौल
सावन के पहले सोमवार के साथ ही देहरादून में धार्मिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आने वाले सभी सोमवारों पर शिवालयों में विशेष पूजन, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और शाम की भव्य आरती का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं में भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है।

