2 august 2026 ; Dehradun।
कांवड़ मेले के दौरान उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संभालने के लिए हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं। रेलवे प्रशासन ने पहली बार मंडल के विभिन्न स्टेशनों से 150 अतिरिक्त कर्मचारियों को हरिद्वार बुलाकर तैनात किया है। इन कर्मचारियों की नियुक्ति का उद्देश्य स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण, यात्रियों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सभी अतिरिक्त कर्मचारियों को पहले से ही भीड़ प्रबंधन, यात्री मार्गदर्शन और आपदा जैसी परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया है। इन्हें स्टेशन के संवेदनशील स्थानों जैसे प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, प्रवेश और निकास द्वारों पर अलग-अलग शिफ्टों में लगाया गया है, ताकि दिन-रात यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर में दो विशेष हेल्प डेस्क भी शुरू किए गए हैं। एक हेल्प डेस्क बुकिंग काउंटर के समीप जबकि दूसरा पूछताछ केंद्र के बाहर संचालित किया जा रहा है। इन केंद्रों पर यात्रियों को ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान की जानकारी, प्लेटफॉर्म संबंधी सूचना, आरक्षण से जुड़ी सहायता, यात्रा मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बड़ी संख्या में यात्री इन सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि कांवड़ मेले के दौरान यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक रहती है। इसी कारण इस बार पहले से व्यापक योजना बनाकर व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। स्टेशन परिसर में भीड़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना की संभावना को समय रहते रोका जा सके।
सीएमआई अजय तोमर ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ट्रेनों के संचालन, भीड़ नियंत्रण और यात्री सुविधाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है। यदि यात्रियों की संख्या अनुमान से अधिक बढ़ती है तो अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी तत्काल लागू की जाएंगी।

