2 august 2026 ; Dehradun।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हाल के दिनों में नरमी देखने को मिली है, लेकिन इसका असर अभी तक देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर दिखाई नहीं दिया है। तेल विपणन कंपनियों ने रविवार को भी ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया, जिससे अधिकांश शहरों में वाहन चालकों को पहले जैसी दरों पर ही पेट्रोल और डीजल खरीदना पड़ रहा है।
ऊर्जा बाजार के जानकारों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव भारतीय खुदरा ईंधन कीमतों पर हमेशा तुरंत नहीं पड़ता। इसकी प्रमुख वजह आयात लागत, रुपये-डॉलर विनिमय दर, परिवहन खर्च, रिफाइनिंग लागत और केंद्र व राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले कर हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट आने के बाद भी घरेलू कीमतों में बदलाव होने में समय लग सकता है।
वर्तमान में देश के प्रमुख महानगरों समेत अधिकांश शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। तेल कंपनियां प्रतिदिन सुबह ईंधन की नई दरें जारी करती हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से बड़े स्तर पर किसी संशोधन की घोषणा नहीं की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार निचले स्तर पर बनी रहती हैं और अन्य आर्थिक परिस्थितियां भी अनुकूल रहती हैं, तो आने वाले समय में उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना बन सकती है। हालांकि फिलहाल तेल कंपनियों की ओर से कीमतों में कटौती को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि ईंधन भरवाने से पहले अपने शहर के ताजा पेट्रोल और डीजल के दाम अवश्य जांच लें, क्योंकि स्थानीय करों के कारण अलग-अलग राज्यों और शहरों में कीमतों में अंतर हो सकता है।

