1 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही राजधानी देहरादून में यातायात व्यवस्था को लेकर नई चुनौतियां सामने आने लगी हैं। हरिद्वार, ऋषिकेश और अन्य कांवड़ यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए जनपद से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसका सीधा असर शहर के अंदर ट्रैफिक प्रबंधन पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
देहरादून शहर पहले से ही बढ़ते वाहनों के दबाव और सीमित सड़क क्षमता के कारण कई इलाकों में जाम की समस्या से जूझ रहा है। सामान्य दिनों में भी सुबह कार्यालय और स्कूल खुलने के समय तथा शाम को छुट्टी के वक्त प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। अब कांवड़ यात्रा के दौरान अतिरिक्त यातायात दबाव बढ़ने से स्थिति और कठिन हो सकती है।
शहर के घंटाघर, राजपुर रोड, प्रिंस चौक, आईएसबीटी, बल्लूपुर चौक, सहारनपुर रोड, चकराता रोड, प्रेमनगर और रायपुर रोड जैसे प्रमुख स्थानों पर पहले से ही ट्रैफिक का दबाव रहता है। इन क्षेत्रों में यातायात पुलिस की मौजूदगी कम होने से वाहनों को नियंत्रित करने और जाम खुलवाने में अधिक समय लग सकता है।
पुलिस बल की तैनाती से बढ़ी चुनौती
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, रूट व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस विभाग को अतिरिक्त जिम्मेदारियां निभानी पड़ रही हैं। बड़ी संख्या में जवानों की ड्यूटी यात्रा मार्गों पर लगाए जाने के कारण शहर के अंदर उपलब्ध ट्रैफिक पुलिस बल सीमित हो गया है। ऐसे में प्रमुख चौराहों पर यातायात संचालन को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित न हो। इसके लिए उपलब्ध पुलिसकर्मियों के बेहतर इस्तेमाल और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी की तैयारी की जा रही है।
पर्वतीय मार्गों की बसों के लिए बदला रूट
कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार और ऋषिकेश क्षेत्र में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाली बसों के संचालन में भी बदलाव किया गया है। जाम की समस्या से बचने के लिए कुछ बसों को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के रास्ते संचालित किया जाएगा। इससे यात्रियों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से राहत मिलने और यात्रा समय में कमी आने की उम्मीद है।
यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
यातायात दबाव को देखते हुए आम लोगों को यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी जा रही है। खासकर व्यस्त समय में निकलने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर चलना पड़ सकता है। शहर के लोगों और बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्गों की जानकारी रखना भी फायदेमंद हो सकता है।
कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के साथ-साथ शहर की सामान्य यातायात व्यवस्था को बनाए रखना है। हालांकि, आने वाले दिनों में देहरादून की सड़कों पर बढ़ते दबाव के कारण वाहन चालकों को जाम और धीमी रफ्तार जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

