31 july 2026 ; Dehradun!
ऋषिकेश में लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार भारी बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार सुबह गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंचने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है।
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए एसडीआरएफ, जल पुलिस और आपदा राहत दल की संयुक्त टीमों को त्रिवेणी घाट, परमार्थ घाट, स्वर्गाश्रम, रामझूला और लक्ष्मणझूला जैसे प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए गोताखोरों के साथ लाइफ जैकेट, रस्सियां और अन्य आवश्यक बचाव उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर और मुनादी के माध्यम से लोगों को गंगा के तेज बहाव से दूर रहने की सलाह दे रहा है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं और केवल निर्धारित एवं सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें।
इस समय सावन के चलते कांवड़ यात्रा भी अपने चरम पर है। हरिद्वार से बड़ी संख्या में कांवड़िए ऋषिकेश होकर नीलकंठ महादेव सहित विभिन्न शिवालयों की ओर जा रहे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
सिंचाई विभाग ने भी चेतावनी दी है कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो गंगा का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच सकता है। ऐसे में प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम भी किए जाएंगे।

