31 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। उत्तराखंड सरकार की सीएम हेल्पलाइन 1905 की ताजा समीक्षा में पहली बार रसोई गैस सिलिंडर रिफिल और आपूर्ति से जुड़ी शिकायतें प्रदेश की शीर्ष-10 प्रमुख समस्याओं में शामिल हुई हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से संबंधित इस श्रेणी में शिकायतों के निस्तारण का आंकड़ा 69.3 प्रतिशत दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की समीक्षा में यह भी सामने आया कि पानी की आपूर्ति, बिजली कटौती और बिजली बिल संशोधन से जुड़ी शिकायतें भी बड़ी संख्या में दर्ज हुईं।
रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतों के समाधान के मामले में रुद्रप्रयाग जिला पूरे प्रदेश में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला जिला रहा। यहां 36.71 प्रतिशत शिकायतों का सफल निस्तारण दर्ज किया गया। दूसरे स्थान पर टिहरी गढ़वाल (36.22 प्रतिशत) और तीसरे स्थान पर पौड़ी गढ़वाल (35.76 प्रतिशत) रहे। राजधानी देहरादून में शिकायत निस्तारण का प्रतिशत 32.28 रहा। वहीं, नैनीताल (21.80 प्रतिशत) और ऊधम सिंह नगर (21.08 प्रतिशत) सूची में सबसे पीछे रहे।
वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के आंकड़ों की तुलना से यह भी स्पष्ट हुआ कि इस वर्ष सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। पिछले वर्ष जहां कुल 1,68,511 शिकायतें दर्ज हुई थीं, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 2,23,001 तक पहुंच गई।
हालांकि शिकायतों की संख्या बढ़ने के बावजूद कई विभागों में निस्तारण की प्रक्रिया पहले की तुलना में तेज हुई है। राजस्व विभाग इसका प्रमुख उदाहरण रहा, जहां पहले औसतन 90 दिन में शिकायतों का समाधान होता था, जबकि अब औसत समय घटकर 54 दिन रह गया है। सरकार का कहना है कि शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि आम नागरिकों को समय पर राहत मिल सके।

