28 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून/उत्तरकाशी/नई टिहरी। उत्तराखंड में देर रात से जारी मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही वर्षा के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़क धंसने और जलभराव जैसी घटनाएं सामने आई हैं। सबसे अधिक असर उत्तरकाशी, टिहरी और डोईवाला क्षेत्र में देखने को मिला, जहां सड़क संपर्क बाधित होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बहाली कार्य में जुटे हुए हैं।
यमुनोत्री पैदल मार्ग का हिस्सा धंसा, आवाजाही पूरी तरह रुकी
उत्तरकाशी जिले में लगातार बारिश के चलते यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर के समीप लगभग 30 मीटर हिस्सा धंस गया। मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।
हाईवे पर गिरे बोल्डर, दो कांवड़ यात्री घायल
यमुनोत्री हाईवे पर पाली गाड़ क्षेत्र में अचानक पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर गिरने से अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान यमुनोत्री से लौट रहे दो कांवड़ यात्री बोल्डरों की चपेट में आकर घायल हो गए। आसपास मौजूद अन्य श्रद्धालु बाल-बाल बच गए। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया है।
टिहरी में नौ ग्रामीण सड़कें बंद, गांवों का संपर्क प्रभावित
नई टिहरी जिले में भी भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गए, जिससे नौ ग्रामीण संपर्क मार्गों पर यातायात बाधित हो गया। प्रभावित मार्गों में रायपुर-कुमाल्डा-कद्दूखाल, घुत्तू-गंगी, गुल्लर-भगवासेरा, गुल्लर-नाई माथियाली, नरेंद्रनगर-रानीपोखरी, देवप्रयाग-गाजा-जाजल, लालपुल-भुत्सी, रानीचौरी-नकोट और दिवाड़ा-बांगोली-राजराजेश्वरी मंदिर मार्ग शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की टीमें जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर रास्ते खोलने का कार्य कर रही हैं।
भानियावाला-ऋषिकेश हाईवे पर जलभराव, रिहायशी इलाकों में घुसा पानी
डोईवाला के जौलीग्रांट क्षेत्र में तेज बारिश के कारण थानो वन क्षेत्र का बरसाती खाला उफान पर आ गया। तेज बहाव के साथ आए मलबे ने भानियावाला-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी और गाद जमा कर दी, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। नगर पालिका की टीम ने सुबह जेसीबी की सहायता से पानी की निकासी और बहाव को मोड़ने का काम शुरू किया।
वहीं, देहरादून एयरपोर्ट के समीप चोर पुलिया क्षेत्र में बरसाती नाले का पानी कई घरों में घुस गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान इस क्षेत्र में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। इस बार भी पूरी रात लोगों को जागकर हालात का सामना करना पड़ा।
प्रशासन अलर्ट, राहत कार्य जारी
राज्य के विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन, आपदा प्रबंधन और संबंधित विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। क्षतिग्रस्त मार्गों को जल्द से जल्द बहाल करने और लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मशीनें और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

