26 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर रविवार को गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दुर्गम पहाड़ियों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने अद्वितीय पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया और देश का गौरव बढ़ाया।
उत्तराखंड के 75 वीरों का सर्वोच्च योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में देश के 527 सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी, जिनमें उत्तराखंड के 75 वीर जवान शामिल थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। राज्य की सैन्य परंपरा, वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों की विरासत और युवाओं का राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणादायी है।
देश की सुरक्षा नीति हुई और अधिक मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा नीति अधिक सशक्त और निर्णायक बनी है। आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई, सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से विकसित हो रहा आधारभूत ढांचा और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए कदम नए भारत की शक्ति को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि वन रैंक-वन पेंशन, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक और सैनिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों से सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान बढ़ा है।
परमवीर चक्र विजेताओं के लिए बड़ी घोषणा
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने घोषणा करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार अब परमवीर चक्र से सम्मानित वीर सैनिकों को दो करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान तथा कल्याण के लिए लगातार प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।

