25 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठकों में अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रभावी और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और विकास कार्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाते हुए सभी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वन्यजीव आधारित पर्यटन को नई दिशा देने के साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि संरक्षण और आजीविका दोनों को मजबूती मिल सके। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान दूसरों की जान बचाने वाले साहसी नागरिकों को राज्य स्तर पर सम्मानित करने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में वन्यजीवों के हमलों से प्रभावित मृतक और घायलों के परिजनों को निर्धारित समय सीमा में मुआवजा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। साथ ही सभी स्वीकृत विकास परियोजनाओं में वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को नियंत्रित करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी), कैमरा ट्रैप, ड्रोन, सर्प बचाव किट और सोलर लाइट जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं का उपयोग किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और राहत व्यवस्था को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है।
बैठक में राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में गैस पाइपलाइन सहित विभिन्न राष्ट्रीय उद्यानों में सड़क, आईटीबीपी अवसंरचना और ऑप्टिकल फाइबर केबल जैसी जनहित परियोजनाओं को आवश्यक शर्तों के साथ राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति को भेजने की अनुमति दी गई।
राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जैव विविधता और वन्यजीव संपदा देश के लिए महत्वपूर्ण धरोहर है। उन्होंने वन्यजीव कॉरिडोरों के संरक्षण, एआई आधारित निगरानी प्रणाली, कैमरा ट्रैप, प्राकृतिक जल स्रोतों और चारागाहों के विकास, वनाग्नि प्रबंधन तथा संवेदनशील क्षेत्रों में तकनीकी निगरानी को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका वाले क्षेत्रों में क्यूआरटी टीमों की तैनाती करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के गठन, पर्यावरण अनुकूल सफारी वाहनों को बढ़ावा देने, फील्ड स्टाफ को विशेष प्रोत्साहन तथा वन्यजीव अपराधों की प्रभावी जांच व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

